पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य में ऊर्जा संसाधनों से लदे कई वाणिज्यिक जहाज फंसे हुए हैं। इस बीच पाकिस्तान ने हाई-ऑक्टेन ईंधन की कीमत में भारी बढ़ोतरी करते हुए इसे 100 पाकिस्तानी रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। एआरवाई न्यूज के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने लग्जरी वाहनों में इस्तेमाल होने वाले इस ईंधन पर टैक्स बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।
यह फैसला रविवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने की। बैठक में ईंधन कीमतों और आर्थिक राहत से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई। इसमें कानून एवं न्याय मंत्री आजम नजीर तरार, वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अत्ताउल्लाह तरार और पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पाकिस्तान में फूटा महंगाई बम
रिपोर्ट के अनुसार, हाई-ऑक्टेन ईंधन की कीमत में इस बढ़ोतरी का असर सार्वजनिक परिवहन और हवाई यात्रा के किराए पर नहीं पड़ेगा। पाकिस्तान सरकार ने इससे पहले 6 मार्च को भी वैश्विक तेल कीमतों में उछाल के चलते पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी।
यह उछाल अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण घरेलू ऊर्जा लागत पर दबाव बढ़ने से आया था। उस समय पेट्रोल की कीमत 266.17 रुपये से बढ़ाकर 321.17 रुपये प्रति लीटर कर दी गई थी, जबकि डीजल की कीमत 280.86 रुपये से बढ़ाकर 335.86 रुपये प्रति लीटर कर दी गई थी।
सरकार पहले भी बढ़ा चुकी है तेल की कीमतें
इस बढ़ोतरी की घोषणा पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने उप प्रधानमंत्री इशाक डार और वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की थी। वहीं, 10 मार्च को जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तानी एयरलाइंस ने भी किराया बढ़ा दिया था। एयरलाइन सूत्रों के मुताबिक, घरेलू उड़ानों के टिकट में 2800 से 5000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई, जो कराची से लाहौर, इस्लामाबाद और अन्य शहरों के लिए लागू है।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराये में और अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, टिकट कीमतों में 10,000 से 28,000 रुपये तक का इजाफा हुआ है, जबकि पश्चिम एशिया और मध्य एशियाई देशों के लिए किराये में करीब 15,000 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई है।








