पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ और उनके पूर्व ब्लाक प्रमुख पुत्र दिवाकर गौड़ की हत्या साजिश रचने में खैर के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष संजीव अग्रवाल उर्फ बिंटू सहित सात दोषियों को शनिवार को सजा सुनाई गई है। चार वर्ष पुराने मुकदमे में सजा सुनाते हुए एडीजे-11 पीके जयंत की अदालत ने पूर्व चेयरमैन सहित दो दोषियों को आठ-आठ माह, तीन शूटरों को पांच-पांच वर्ष व दो अन्य को दो दो वर्ष की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खैर मोहल्ला सिकरवार के पूर्व विधायक/रालोद नेता प्रमोद गौड़ ने धमकी देने के मामले में 27 अगस्त 2022 को खैर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें खैर के तत्कालीन चेयरमैन संजीव अग्रवाल बिंटू, नगर पालिका ठेकेदार ओम नगर खैर के विकास शर्मा उर्फ बॉबी व नयागंज खुर्जा बुलंदशहर के राजकुमार जाट आढ़ती को नामजद किया था।
उन्होंने आरोप लगाया था कि संजीव अग्रवाल ने सिंचाई विभाग की भूमि पर कब्जा कर प्लाटिंग की जमीन पर रास्ता निकाला गया था। शासन में शिकायत के बाद कब्जा हटवाया गया था। इसी रंजिश में संजीव अग्रवाल व विकास ने मिलकर अपने पुराने अपराधी दोस्त राजकुमार को उनकी हत्या की सुपारी दी थी। आरोप यह भी था कि पूर्व में भी इन लोगों ने प्रमोद गौड़ की हत्या की साजिश रची थी, जिसमें भूलवश बदमाश उनके करीबी विजय गंगल की हत्या कर गए थे।
पुलिस ने तीनों नामजदों सहित कुल दस आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था, जिसमें प्रमोद गौड़ के साथ-साथ उनके पूर्व ब्लाक प्रमुख पुत्र दिवाकर गौड़ की हत्या की साजिश रचना भी उजागर हुआ।
आरोपियों में तीनों नामजदों सहित शूटरों बुलंदशहर औरंगाबाद ओलिना के आदेश, बुलंदशहर सिकंदराबाद छसिया के करन सैनी, बुलंदशहर कोतवाली कृष्णा नगर के राहुल शर्मा उर्फ सोनू, हरियाणा गुरुग्राम हयातपुर के रिंकू, बुलंदशहर स्याना राजा पट्टी के सागर व बुलंदशहर स्याना मांकड़ी के तरुण त्यागी पर चार्जशीट दायर की। सत्र परीक्षण में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर पूर्व चेयरमैन संजीव अग्रवाल व विकास शर्मा उर्फ बॉबी को धमकी के आरोप में दोषी करार दिया गया।
राजकुमार सहित शूटर तरुण त्यागी, सागर, रिंकू व आदेश को आर्म्स एक्ट में दोषी करार दिया गया। तीन को बरी कर दिया। इसी में अब संजीव अग्रवाल व विकास को आठ-आठ माह की सजा व दो-दो हजार रुपये अर्थदंड, राजकुमार जाट व सागर को दो-दो वर्ष की सजा व दो-दो हजार रुपये अर्थदंड और तीन शूटरों रिंकू, आदेश व तरुण को पांच-पांच वर्ष की सजा व पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। इसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया। हालांकि कम सजा वाले दोनों दोषियों के जमानत बांड भी भरवाए गए हैं। फैसला देरी से आने के कारण देर रात तक उनकी रिहाई का इंतजार हो रहा था।








