कामकाजी महिलाओं के लिए मिसाल बनी संगीता अग्रवाल..लेखन, एंकरिंग और टीवी रिपोर्टिंग में लिखी सफलता की बड़ी कहानी..आगे बढ़ते रहने की दी सीख

कामकाजी महिलाओं के लिए मिसाल बनी संगीता अग्रवाल..लेखन, एंकरिंग और टीवी रिपोर्टिंग में लिखी सफलता की बड़ी कहानी..आगे बढ़ते रहने की दी सीख

मेघा तिवारी
========================

बदलते दौर में महिलाएं वो सबकुछ कर रही जो कुछ समय पहले तक उनके लिए नामुमकिन या बहुत मुश्किल माना जाता था ऐसी ही महिलाओं के नाम की सूची में शामिल है संगीता अग्रवाल जो डीडी न्यूज नई दिल्ली में हिंदी समाचार संपादक के रूप में कार्यरत है.. बीते एक दशक से संगीता मीडिया में सक्रिय है और इस दौरान काम के साथ साथ उन्होने<strong>कामकाजी महिलाओं के लिए मिसाल बनी संगीता अग्रवाल..लेखन, एंकरिंग और टीवी रिपोर्टिंग में लिखी सफलता की बड़ी कहानी..आगे बढ़ते रहने की दी सीख</strong> लेखन में भी वो मुकाम हासिल किया जो किसी के लिए भी प्रेरणा से कम नहीं.. संगीता के करियर की बात करें तो 2000 में अपनी पढ़ाई के दौरान ही एक Freelance पत्रकार के रूप में दैनिक हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स, सहारा समय जैसे प्रतिष्ठित दैनिक अखबारों में सामाजिक और महिला सशक्तिकरण के लिये सैकड़ो स्टोरी पर संगीता ने काम किया, जिसके लिये उन्हें समय-समय पर कई सम्मान से सम्मानित किया गया..<strong>कामकाजी महिलाओं के लिए मिसाल बनी संगीता अग्रवाल..लेखन, एंकरिंग और टीवी रिपोर्टिंग में लिखी सफलता की बड़ी कहानी..आगे बढ़ते रहने की दी सीख</strong>2001 में जागरण सखी और हिंदी आउटलुक जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं के लिये Freelance पत्रकार के रूप में संगीता ने अपने करियर को जारी रखा..2005 में संगीता ने कदम बढा़ते हुे टेलिविजन मीडिया में बतौर एंकर कम रिपोर्टर अपने करियर की शुरूआत की और वरिष्ठ पत्रकार कुर्बान अली का जायजा कार्यक्रम में स्टोरी लेखन और निर्माण कार्य में शामिल रही..इतना ही नहीं डी डी न्यूज के लोकप्रिय कार्यक्रम नया सवेरा में लेखन एवं निर्माण कार्य का अनुभव भी संगीता के साथ है..<strong>कामकाजी महिलाओं के लिए मिसाल बनी संगीता अग्रवाल..लेखन, एंकरिंग और टीवी रिपोर्टिंग में लिखी सफलता की बड़ी कहानी..आगे बढ़ते रहने की दी सीख</strong>2006 में संगीता ने तिहाड़ के कैदियों पर डी डी न्यूज के लिये विशेष स्टोरी बनाई, जिसमें कैदियों के जीवन संघर्ष को दर्शाने का प्रयास किया गया था .. संगीता को टेलिविजन पत्रकारिता में रहते हुये मानव मूल्यों और समाज कल्याण के लिये रिपोर्टिग में महारत हासिल हुई और ये सफर साल 2012 में भी जारी रहा जब उन्होने दिल्ली में घटित बहुचर्चित निर्भया कांड पर विशेष बुलेटिनों का निर्माण कर अपनी प्रतिभा साबित की.. साल 2013 में तेजाब पीड़ित महिलाओं पर कार्यक्रम के निर्माण की बात हो या लाइव बुलेटिन बनाना हो संगीता ने हर जगह अपनी काबिलियत साबित की..<strong>कामकाजी महिलाओं के लिए मिसाल बनी संगीता अग्रवाल..लेखन, एंकरिंग और टीवी रिपोर्टिंग में लिखी सफलता की बड़ी कहानी..आगे बढ़ते रहने की दी सीख</strong> पत्रकारिता के जरिए नैतिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए संगीता ने राष्ट्रीय मीडिया में एक आइकॉन के रूप में अपनी खास पहचान बनायी है.. संगीता देश की उन चुनिंदा पत्रकारों में शामिल हैं , जिन्हें पत्रकारिता की सभी विधाओं में काम करने का मौका मिला और उन्होने उसे बखूबी निभाया..
संगीता ने लेखन के क्षेत्र में भी सफलता के झंडे गाड़े है ….साल 2009 में संगीता ने पहली पुस्तक “एक से बढ़कर एक शिखर महिलायें” लिखी जिसमें देश की 47 ऐसी महिलाओं का साक्षात्कार शामिल हैं, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। इन महिलाओं में सोनिया गांधी, लता मंगेशकर , सुषमा स्वराज, सुष्मिता सेन, किरण बेदी , भारतीय सेना में तीनों सेनाओं में पहली महिला अधिकारियों का साक्षात्कार भी शामिल है। साल 2017 में दूसरी पुस्तक “एक से बढ़कर एक शिखर पुरूष”जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी,<strong>कामकाजी महिलाओं के लिए मिसाल बनी संगीता अग्रवाल..लेखन, एंकरिंग और टीवी रिपोर्टिंग में लिखी सफलता की बड़ी कहानी..आगे बढ़ते रहने की दी सीख</strong> गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, अमिताभ बच्चन, विनोद दुआ, दीपक चौरसिया सहित अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुकें नामचीन पुरूषों का साक्षात्कार शामिल हैं। साल 2021 में तीसरी किताब मीडिया में महिलाओं की भूमिका थी , जिसमें देश की 20 नामचीन महिला पत्रकारों का साक्षात्कार शामिल हैं। इन महिला पत्रकारों में मृणाल पांडे, निधिकुलपति, अनुराधा प्रसाद, डॉ. वर्तिका नंदा सहित कई नामचीन महिलाओं के नाम शामिल हैं। कृषि पर आधारित किताब कृषि में महिला किसानों का योगदान साल 2021 में प्रभात प्रकाशन के लिये संगीता ने किया तो साल 2023 में प्रसिद्ध प्रलेख प्रकाशन से दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदी कोरोना और उसमें भारतीयों के कार्यों और संघर्षों का विस्तार से विवरण करती किताब “एक से बढ़कर एक कोरोना योद्धा” प्रकाशित हुई। जिसमें वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ,<strong>कामकाजी महिलाओं के लिए मिसाल बनी संगीता अग्रवाल..लेखन, एंकरिंग और टीवी रिपोर्टिंग में लिखी सफलता की बड़ी कहानी..आगे बढ़ते रहने की दी सीख</strong> पद्म श्री विजेता जितेंद्र सिंह शंटी सहित 20 देश के अलग-अलग कोरोना योद्धाओं के संघर्ष का जीवंत चित्रण है।
संगीता ने लेखन और पत्रकारिता दोनों में ही वो मुकाम बनाया जो किसी के लिए भी इतना आसान नहीं ..सफलता की एक के बाद एक कहानी का सिलसिला अभी भी जारी है और वो महिलाओं के लिए बड़ी मिसाल बन चुकी है देश का नाम भी रौशन कर रही.

और पढ़े  1 सितंबर 2026: रसोई, हवाई सफर और बैंकिंग से जुड़े 10 बड़े नियम बदल रहे, क्या जेब पर पड़ने वाला है चौतरफा भार?

Related Posts

एससीओ समिट 2026- भारत की बात मजबूती से रख PM मोदी बिश्केक से रवाना, 26वें शिखर सम्मेलन में लिया हिस्सा

एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाकर अभिवादन किया। वहीं, सम्मेलन में पीएम मोदी आज दुनिया को…

बस दुष्कर्म केस: राहुल गांधी ने सरकार से पूछा- नाकामी पर कब तक डालेंगे पर्दा? दिल्ली-UP पुलिस पर भी उठाए सवाल

दिल्ली-एनसीआर में स्लीपर बस के अंदर नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के साथ दिल्ली और उत्तर…