लोकसभा: लोकसभा में पेश हुआ जन विश्वास विधेयक, कांग्रेस सांसदों ने किया विरोध

Spread the love

रकार ने शुक्रवार को लोकसभा में जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इसका मकसद छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना और नियमों आसान बनाना है। इससे कारोबार करना आसान हो सकेगा। विधेयक को वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने पेश किया। इसमें चयन समिति की सिफारिशों को शामिल किया गया है।

 

इस विधेयक का मकसद कुछ कानूनों में बदलाव करने के छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाना और नियमों को सरल बनाना है, ताकि भरोसे पर आधारित शासन को बढ़ावा मिले और लोगों का जीवन और कारोबार करना आसान हो सके।

कांग्रेस सांसदों ने किया विधेयक का विरोध
कांग्रेस सांसद कडियम काव्या और जीके पदवी ने इस विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह संविधान की मूल संरचना के खिलाफ है। पदवी ने सरकार से अपील की कि इस विधेयक को फिर से चयन समिति या किसी संसदीय समिति के पास भेजा जाए। उन्होंने कहा, यह एक प्रशासनिक चूक है। विधेयक मनमाना है और इससे भ्रष्टाचार बढ़ सकता है। इसलिए इसकी दोबारा जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि चयन समिति की रिपोर्ट में असहमति दर्ज करने का विकल्प दिया गया है।

वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री ने क्या कहा?
जितिन प्रसाद ने कहा, इस विधेयक पर विस्तार से चर्चा की गई है। इसमें केवल छोटे अपराधों को ही अपराध की श्रेणी से हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा, यह विधेयक छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करेगा। साथ ही जुर्माना और सजा को अपराध की गंभीरता के हिसाब से तय किया जाएगा और अपील करने की व्यवस्था भी बनाई जाएगी। इससे लोगों के लिए जीवन जीना और कारोबार करना आसान हो जाएगा।

उन्होंने बताया, इस विधेयक के तहत 23 मंत्रालयों की ओर से लागू 79 केंद्रीय कानूनों के कुल 784 प्रावधानों में बदलाव प्रस्तावित है। इनमें 717 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाने का प्रस्ताव है, ताकि कारोबार करना आसान हो सके, जबकि 67 प्रावधान लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए बदले जाएंगे।

और पढ़े  हरीश राणा Dead: 'रोइए मत, वह अब एक अच्छी जगह पर है', 13 साल की पीड़ा और आंसुओं में डूबी विदाई...

मार्च 2025 में पीयूष गोयल ने पेश किया था विधेयक
इस विधेयक को 17 मार्च को चयन समिति की सिफारिशों को शामिल करने के लिए लोकसभा से वापस ले लिया गया था, ताकि इसे फिर से पेश किया जा सके। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 18 मार्च 2025 को यह विधेयक लोकसभा में पेश किया गया, जिसके बाद इसे चयन समिति को भेज दिया गया था।

यह प्रक्रिया 2023 के जन विश्वास कानून की सफलता पर आधारित है, जिसमें कई कानूनों में छोटे अपराधों को खत्म किया गया था। 11 अगस्त 2023 को लागू इस कानून के तहत 19 मंत्रालयों के 42 केंद्रीय कानूनों में 183 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाया गया था।


Spread the love
  • Related Posts

    ईरान- इस्राइल जंग- सरकार बोली- ईरान में जंग के बीच भारत में लॉकडाउन की आशंकाएं महज अफवाह..

    Spread the love

    Spread the loveकेंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को साफ किया कि देशव्यापी लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं। सरकार के सामने फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं…


    Spread the love

    पश्चिम एशिया संकट- भारत की पैनी नजर, सरकार ने रक्षा मंत्री राजनाथ की अध्यक्षता में बनाई समिति

    Spread the love

    Spread the loveईरान-इस्राइल के बीच जंग जारी है। इसी बीच सरकार ने पश्चिम एशिया विवाद से पैदा होने वाले मामलों पर नजर रखने के लिए इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप की…


    Spread the love