PM Visit Manipur- PM मोदी ने मणिपुर के स्थानीय लोगों से की मुलाकात, मिलते ही भावुक हुए हिंसा पीड़ित

Spread the love

 

 

णिपुर में हिंसा से प्रभावित लोगों और स्थानीय निवासियों ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान कई लोग भावुक हो उठे और उनकी आंखें भर आईं। बात करने वाले वीडियो में साफ दिखा कि पीड़ित अपने दर्द को रोक नहीं पा रहे थे। पीएम मोदी का यह मणिपुर दौरा दो साल बाद हुआ है, जब से 2023 में जातीय हिंसा ने राज्य को झकझोर दिया था।

प्रधानमंत्री सुबह इंफाल पहुंचे और वहां से चुुराचांदपुर जाने का कार्यक्रम था। खराब मौसम और बारिश के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान भरने में असमर्थ रहा। इसके बावजूद पीएम मोदी सड़क मार्ग से वहां पहुंचे। चुुराचांदपुर मुख्य रूप से कुकी समुदाय का गढ़ माना जाता है। इस इलाके में हिंसा से बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए थे।

 

राहत शिविरों में जाकर सुनी पीड़ितों की बात
चुुराचांदपुर में पीएम मोदी ने उन लोगों से मुलाकात की जो हिंसा के कारण अपने घरों से बेघर हो चुके थे और राहत शिविरों में रह रहे हैं। उन्होंने बच्चों से मुलाकात की, उनसे उपहार और पेंटिंग्स लीं। इस दौरान पीएम को स्थानीय परंपरा के तहत पक्षी के पंखों वाली टोपी भी पहनाई गई।

इंफाल में भी छलके आंसू
वापस इंफाल लौटकर पीएम मोदी ने स्थानीय निवासियों और छात्रों से मुलाकात की। यहां भी कई लोग उनसे मिलते ही भावुक हो उठे। लोगों के आंसू इस बात का प्रतीक थे कि बीते दो वर्षों में हिंसा ने उनकी जिंदगी को किस तरह बदल डाला।

 

विकास योजनाओं का शिलान्यास
इस दौरान पीएम मोदी ने चुराचांदपुर में 7300 करोड़ रुपये की और इंफाल में 1200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि मणिपुर को शांति के रास्ते पर लाना ही विकास की पहली शर्त है। प्रधानमंत्री ने बताया कि हिंसा प्रभावित लोगों के लिए 7000 नए घर बनाए जा रहे हैं।

और पढ़े  BJP को बड़ा झटका, मंत्री नंदिता गरलोसा ने छोड़ी पार्टी, कांग्रेस के टिकट पर हाफलोंग से लड़ेंगी चुनाव

सड़क और रेल कनेक्टिविटी पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार दो मोर्चों पर काम कर रही है। पहला बजट बढ़ाकर सड़क और रेल विकास करना और दूसरा ग्रामीण संपर्क बढ़ाना। उन्होंने बताया कि 3,700 करोड़ रुपये राष्ट्रीय राजमार्गों पर खर्च किए गए हैं और अब कई गांव सड़क से जुड़े हैं। जल्द ही इंफाल राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से भी जुड़ जाएगा।

जातीय संघर्ष की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि मई 2023 से मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा जारी है। इस संघर्ष में अब तक 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और करीब 50,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं। मैतेई, जो घाटी में बहुसंख्यक हैं, अनुसूचित जनजाति का दर्जा चाहते हैं। वहीं, कुकी समुदाय अलग प्रशासन की मांग कर रहा है। यही विवाद हिंसा की जड़ बना है।


Spread the love
  • Related Posts

    ट्रंप ने ईरान को भेजा 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव, इस बीच सैनिकों की तैनाती भी बढ़ा रहा अमेरिका

    Spread the love

    Spread the love   डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान को 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव पेश किया है। यह जानकारी एक ऐसे व्यक्ति ने दी, जिसे इसकी जानकारी है, लेकिन उसे…


    Spread the love

    पैन कार्ड के नए नियम:  1 अप्रैल से पैन कार्ड में बड़ा बदलाव, जानें क्या बदलने वाला है

    Spread the love

    Spread the loveकई ऐसे डॉक्यूमेंट हैं जिनको बनवाना जरूरी होता है, क्योंकि इनके न होने पर आपके कई काम अटक सकते हैं। इसमें एक डॉक्यूमेंट पैन कार्ड भी है। ये…


    Spread the love