भारत–फ्रांस सहयोग: नई तकनीक और खनिज क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ेगी
भारत के फ्रांस में राजदूत संजय कुमार सिंगला ने कहा कि भारत और फ्रांस ने उभरती और महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई नए कदम उठाए हैं। दोनों देशों ने जॉइंट एडवांस्ड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट ग्रुप बनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग के लिए एक संयुक्त घोषणा पत्र पर सहमति बनी है।
सिंगला ने बताया कि भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और फ्रांस की संस्था विश्व की बड़ी वैज्ञानिक संस्थाओं में से एक (CNRS) के बीच एडवांस्ड मटीरियल्स सेंटर स्थापित करने के लिए भी लेटर ऑफ इंटेंट साइन किया गया है। साथ ही, दोनों देशों के बीच डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट में संशोधन भी किया गया है, जिससे निवेश और व्यापार और सुगम होंगे। इन पहल के जरिए भारत-फ्रांस सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की योजना बनाई जा रही है।
मुंबई में पीएम मोदी और मैक्रों ने ‘इंडिया–फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ का शुभारंभ किया
मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गेटवे ऑफ इंडिया पर ‘इंडिया–फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026’ की आधिकारिक शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य भारत और फ्रांस के बीच नवाचार, तकनीक, स्टार्टअप, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करना है।
दोनों नेताओं ने कहा कि यह कार्यक्रम दोनों देशों के युवाओं, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत को साथ लाकर नए विचारों और तकनीकों को बढ़ावा देगा। यह कदम भारत और फ्रांस के बीच मजबूत हो रहे रणनीतिक और तकनीकी संबंधों का एक और महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
एक कार में दिखे मैक्रों और पीएम मोदी
आज मुंबई के लोक भवन में वार्ता और प्रेस ब्रीफिंग के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक ही कार में यात्रा की। इस दौरान दोनों नेताओं ने दोस्ताना बातचीत भी की।
भारत-फ्रांस के 6वें वार्षिक रक्षा संवाद में राजनाथ सिंह और कैथरीन वॉट्रिन की बैठक
कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में आयोजित 6वें भारत-फ्रांस वार्षिक रक्षा संवाद में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन ने संयुक्त रूप से बैठक की। बैठक में फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन ने कहा कि रक्षा भारत और फ्रांस के संबंधों की मुख्य आधारशिला है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों का सहयोग शानदार है, जिसमें सामूहिक अभ्यास और सैन्य प्लेटफॉर्म का सह-निर्माण शामिल है।
वॉट्रिन ने कहा कि यह साझेदारी परस्पर सम्मान पर आधारित है, जो भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार बनाती है। उन्होंने दुनिया में सुरक्षा की स्थिति पर भी ध्यान दिलाया और कहा कि आजकल बहुत सारे देश हथियार बढ़ा रहे हैं। ऐसे में अंतरिक्ष, उद्योग और द्विपक्षीय साझेदारी में सहयोग पर चर्चा करना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।







