भारत और न्यूजीलैंड के बीच बीते साल दिसंबर में तय हुआ मुक्त व्यापार समझौता आज (20 अक्तूबर 2026) से प्रभावी हो गया है। दोनों ही देशों के व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों के लिए यह समझौता नए आयाम तय करने वाला साबित होगा। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच एफटीए पर पहली वार्ता 10 साल से भी पहले शुरू हुई थी। हालांकि, लंबे समय तक अटके रहने के बाद जब दोबारा बातचीत शुरू हुई तो महज छह महीनों में ही समझौते तक पहुंच गई और 19 महीने बाद अब मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों में प्रभावी हो गया है।
5. सेवाओं और कुशल कार्यबल से फायदा
सेवाओं का व्यापार
न्यूजीलैंड को सेवाओं के निर्यात (खासकर फिनटेक, निजी शिक्षा, पेशेवर और पर्यावरणीय सेवाओं) के लिए व्यापक कवरेज और सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र (MFN) का दर्जा हासिल होगा। इससे भविष्य में व्यापार सुरक्षित होगा।
कुशल पेशेवरों के लिए वीजा
न्यूजीलैंड की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए कौशल की कमी वाले क्षेत्रों (जैसे डॉक्टर, नर्स, शिक्षक, आईसीटी और इंजीनियरिंग) में भारतीय पेशेवरों के लिए प्रति वर्ष औसतन 1,667 कुशल 3-वर्षीय कार्य वीजा की सुविधा देने की एक प्रक्रिया स्थापित की गई है।
वर्किंग हॉलिडे स्कीम
पर्यटन और ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए हर साल 1,000 स्थानों की पेशकश की गई है।
6. निवेश और रणनीतिक लाभ
निवेश प्रतिबद्धता: न्यूजीलैंड अगले पंद्रह वर्षों में भारत में $20 बिलियन के निवेश की सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
दीर्घकालिक लक्ष्य: यह समझौता 10 वर्षों में निर्यात के मूल्य को दोगुना करने के न्यूजीलैंड के लक्ष्य की ओर प्रगति में मदद करेगा।
भारत ने अब तक किस-किसके साथ किए एफटीए?
भारत ने अब तक ब्रिटेन, श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, मलयेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और मॉरीशस के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। वहीं, यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ ट्रेड डील पर सहमति बन चुकी है।
इसके अलावा, भारत ने 10 देशों के समूह आसियान और चार यूरोपीय देशों के समूह ईएफटीए (EFTA), आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के साथ भी व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही, भारत अब तक अमेरिका, चिली, पेरू और इस्राइल सहित कई प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ नए व्यापार समझौते पूरी करने पर बातचीत कर रहा है।







