बच्चे के इलाज के नाम पर पर गलत रिपोर्ट तैयार कर पैसे वसूलने और जान जोखिम में डालने के मामले में थाना सूरजपुर पुलिस ने सोमवार को डेल्टा-1 स्थित ग्रीन सिटी अस्पताल ग्रेटर नोएडा के प्रबंधक/डायरेक्टर और अन्य डॉक्टरों व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की है।
तहरीर में कहा गया है कि यह सुनकर सचिन सन्न रह गए। रिश्तेदारों के पहुंचने पर उन्होंने दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। सचिन बच्चे को पहले कैलाश अस्पताल ग्रेटर नोएडा ले गए। वहां के डॉक्टरों ने ग्रीन सिटी की रिपोर्ट देखकर बच्चे को हायर सेंटर ले जाने को कहा। इसके बाद बच्चे को डॉक्टर की निगरानी में एम्बुलेंस से कैलाश अस्पताल, नोएडा सेक्टर 27 ले जाया गया, जहां उसे तुरंत आईसीयू में रखकर उपचार शुरू किया गया।
आरोप है कि वहां दोबारा सभी जांचें कराने पर रिपोर्ट सामान्य आईं और बच्चे को केवल सामान्य टाइफाइड बुखार निकला। तहरीर के अनुसार कैलाश अस्पताल के डॉक्टरों ने ग्रीन सिटी की रिपोर्टों को गलत बताया और कहा कि ऐसी रिपोर्ट उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। उनका कहना था कि अगर उन रिपोर्टों के आधार पर इलाज शुरू हो जाता, तो हेवी डोज स्टेरॉयड और डायलिसिस से बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। वहीं कोतवाली प्रभारी संजय सिंह का कहना कि मामले की जांच की जा रही है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। यदि किसी मरीज को परेशानी हुई है, तो वह अस्पताल टीम से आकर मिले।







