नेपाल के गोरखा जिले में रविवार सुबह बुढ़ी गंडकी नदी ने अचानक विकराल रूप धारण कर लिया। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के साथ तेज बहाव में मिट्टी और मलबा भी आने लगा, जिससे नदी किनारे बने कई मकान बह गए। अचानक आई इस बाढ़ से आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। हालात को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी की है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, रविवार तड़के करीब चार बजे से ही बुढ़ी गंडकी नदी का पानी तेजी से बढ़ने लगा था। नदी का बहाव इतना तेज हो गया था कि उसकी आवाज दूर तक सुनाई दे रही थी। चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी नारायण सापकोटा ने बताया कि उग्युलुंग और स्यार नालों में भी पानी का स्तर अचानक बढ़ गया था। इस घटनाक्रम ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी और प्रशासन को तुरंत सतर्क होना पड़ा।
नदी में अचानक आई बाढ़ की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। हालांकि, स्थानीय प्रशासन को शक है कि चेकेम्पार इलाके में नदी का बहाव किसी वजह से रुक गया होगा। अधिकारियों की आशंका है कि भूस्खलन के कारण नदी में मलबा जमा होने से अस्थायी बांध जैसी स्थिति बन गई हो और बाद में उसके टूटने से पानी एक साथ तेजी से नीचे की ओर बह निकला हो। फिलहाल यह केवल शुरुआती आशंका है। बाढ़ आने की असली वजह का पता जांच और मौके से मिलने वाली जानकारी के बाद ही चल सकेगा।
चुमलिंग और लोकपा के लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचे
नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव की खबर फैलते ही नदी किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। चुमलिंग और लोकपा समेत आसपास की बस्तियों में लोगों ने एहतियातन घर छोड़ दिए। प्रशासन की ओर से भी लोगों को नदी से दूर रहने और ऊंचाई वाले सुरक्षित इलाकों में जाने की सलाह दी गई, ताकि अचानक पानी बढ़ने की स्थिति में किसी की जान खतरे में न पड़े।
सुबह 6:40 बजे जारी हुआ बाढ़ का अलर्ट
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने रविवार सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर अलर्ट जारी किया। चेतावनी में बताया गया कि बुढ़ी गंडकी नदी में चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका-6 की ओर से बड़ा बाढ़ का प्रवाह आ रहा है। लोगों से कहा गया कि बाढ़ का पानी गुजरने तक त्रिशूली दोभान तक नदी के आसपास न जाएं और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर रहें। प्रशासन ने समय रहते लोगों को खतरे से आगाह करने के लिए यह संदेश जारी किया।
हालात की गंभीरता को देखते हुए आरुघाट स्थित क्षेत्रीय पुलिस कार्यालय ने भी सुरक्षा संबंधी सलाह जारी की। नदी किनारे रहने वाले लोगों तक चेतावनी पहुंचाने के लिए लाउडस्पीकर का सहारा लिया गया और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया। प्रशासन की कोशिश है कि नदी का जलस्तर बढ़ने से किसी तरह की जनहानि न हो। फिलहाल अधिकारी लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं और बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है।








