नैनीताल हाईकोर्ट- HC बेंच से बदल जाएगी तराई-भाबर की तस्वीर, रुद्रपुर-पंतनगर में विकास की उम्मीद

नैनीताल हाईकोर्ट की प्रस्तावित बेंच हल्द्वानी के बेलबाबा क्षेत्र में स्थापित होने पर तराई-भाबर में विकास की नई संभावनाएं बन सकती हैं। इसका सीधा असर रुद्रपुर और पंतनगर पर पड़ने की उम्मीद है। हाईकोर्ट से जुड़े अधिवक्ताओं, वादकारियों, कर्मचारियों और अन्य गतिविधियों के बढ़ने से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिल सकती है। इससे रुद्रपुर-पंतनगर कॉरिडोर के एक नए कानूनी और व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित होने की संभावना है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में सुधार की उम्मीद
बेलबाबा क्षेत्र में हाईकोर्ट बेंच के लिए परिसर, पार्किंग और आवासीय सुविधाओं के विकास की जरूरत होगी। इसके साथ सड़क, बिजली, पानी और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी विस्तार देना पड़ सकता है। रुद्रपुर-हल्द्वानी मार्ग और पंतनगर एयरपोर्ट से प्रस्तावित बेंच तक बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत होगी। अधिवक्ताओं और वादकारियों की आवाजाही को देखते हुए बस, शटल सेवा और टैक्सी जैसी परिवहन सुविधाओं के विस्तार की भी संभावना है।

 

जमीन और व्यावसायिक संपत्तियों की बढ़ सकती है मांग
हाईकोर्ट बेंच के आसपास के क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने पर जमीन और संपत्तियों की मांग बढ़ सकती है। बेलबाबा के अलावा रुद्रपुर और पंतनगर में भी इसका असर पड़ने की संभावना है। अधिवक्ताओं के चेंबर, कार्यालय, होटल, गेस्ट हाउस, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जरूरत बढ़ सकती है। इससे रियल एस्टेट क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि जमीन की कीमतों में संभावित वृद्धि का वास्तविक आकलन बेंच की स्थापना और उसके बाद विकसित होने वाली गतिविधियों के आधार पर ही किया जा सकेगा।

और पढ़े  हल्द्वानी: BJP प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में महामंथन, सीएम समेत कई नेता शामिल, नितिन नवीन भी पहुंचे

 

स्थानीय अधिवक्ताओं और कारोबारियों को लाभ
वर्तमान में ऊधमसिंह नगर के वादकारियों और अधिवक्ताओं को कई मामलों में नैनीताल जाना पड़ता है। प्रस्तावित बेंच के नजदीक आने से यात्रा में लगने वाला समय और खर्च कम हो सकता है। रुद्रपुर और आसपास के अधिवक्ताओं को स्थानीय स्तर पर नए प्रैक्टिस अवसर मिल सकते हैं। इसके अलावा जूनियर अधिवक्ताओं, टाइपिस्ट, स्टांप विक्रेताओं, दस्तावेज लेखकों, होटल-रेस्तरां संचालकों और न्यायालय से जुड़े अन्य कारोबारियों के लिए भी रोजगार और व्यवसाय के अवसर बढ़ने की संभावना है।

हाईकोर्ट शिफ्टिंग से बदलेगी हल्द्वानी की सूरत और सीरत
हल्द्वानी में कैबिनेट ने हाईकोर्ट की स्थापना के लिए बेलबाबा क्षेत्र में 40 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी देकर हल्द्वानी में विकास के नए द्वार खोल दिए हैं। जानकारों का मानना है कि बेलबाबा क्षेत्र में हाईकोर्ट शिफ्टिंग के बाद कुमाऊं के सबसे बड़े शहर की सूरत बदल जाएगी और यहां रह रहे लोगों को पहले से कहीं अधिक बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे जहां एक ओर प्रापर्टी के दामों में उछाल आएगा वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे वहीं दूसरी ओर सरकार को कुछ चुनौतियों से भी जूझना होगा।

 

नैनीताल की अर्थव्यवस्था और सुविधाओं पर पड़ेगा प्रभाव
नैनीताल हाईकोर्ट हल्द्वानी शिफ्ट होने का नैनीताल पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। इससे यहां भीड़भाड़ में कमी हो ना हो आर्थिक दुष्परिणाम अवश्य होंगे और सुविधाओं में भी कमी आएगी। हाईकोर्ट से यहां हजारों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। अधिवक्ताओं, उनके चैंबरों, स्टेनोग्राफरों, टाइपिस्टों, दस्तावेज तैयार करने वाले कर्मचारियों, कोर्ट से जुड़े कर्मचारियों, होटल व्यवसाय, टैक्सी संचालकों, रेस्तरां, स्टेशनरी दुकानों और किराये के मकानों पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।

  • Related Posts

    पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का बड़ा एलान- पूर्व CM का कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा, इस एक्शन के बाद बड़ा फैसला

    वरिष्ठ कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को अपने पदों से इस्तीफा दे दिए। उन्होंने राज्य कांग्रेस समिति और कांग्रेस कार्य समिति के पदों को…

    श्रीदेव सुमन विवि: 29 सितंबर को छात्रसंघ चुनाव, 1 अक्तूबर को विश्वविद्यालय छात्र महासंघ निर्वाचन

    श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के परिसर और उससे संबद्ध राजकीय महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित कर दी गई है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार…