गांव के ही पूर्व सरपंच, दो महिलाओं समेत नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखाई गई है। हमलावरों को शक था कि किशोरी लापता कराने में कर्मबीर की भूमिका है। एसपी ने हमलावरों को पकड़ने के लिए तीन टीमें गठित की हैं।
पुलिस को दी शिकायत में पोलंगी गांव निवासी जगमेंद्र उर्फ नान्हा (54) ने बताया कि वे छह भाई थे। सबसे बड़े भाई बिजेंद्र के बाद, समुंद्र, विक्रम, कर्मबीर और सबसे छोटा कुलदीप था। बिजेंद्र व समुंद्र की शादी हुई थी जबकि चार अविवाहित थे। बिजेंद्र, समुंद्र व विक्रम का निधन हो चुका है।
नान्हा ने बताया कि वे तीनों गांव में एक साथ रह रहे थे। साल 2024 में गांव के युवक सन्नी ने उसके भाई कर्मबीर व उसके ऊपर ट्रैक्टर से टक्कर मार दी थी। तभी से पूर्व सरपंच रणधीर सिंह का परिवार उनसे रंजिश रखने लगा। कई बार केस वापस लेने की धमकी दी गई। शुक्रवार को वह कोर्ट में आए हुए थे।
पूर्व सरपंच रणधीर और उनके परिजन पर आरोप
बाइक पर करीब सवा 11 बजे घर पहुंचे तो पूर्व सरपंच रणधीर व उनके आठ-10 परिवारीजन तलवार, गंडासी, ईंट व डंडे लेकर उनके भाई कर्मबीर व कुलदीप को मार रहे थे। रोकने पर रणधीर ने धमकी दी कि दोनों भाइयों की हत्या कर दी है, तुझे भी नहीं छोड़ेंगे।
घर में घुसकर हत्या करने की तहरीर
वह जान बचाकर भागे तो मनोज के लड़के ने फेंककर गंडासी मारी जो हाथ में लगी। नान्हा ने पूर्व सरपंच रणधीर, दिनेश, अमित, मनोज व उसके दोनों लड़के-सन्नी व गौरव, अमित की पत्नी व दिनेश की पत्नी के खिलाफ घर में घुसकर हत्या करने की एफआईआर लिखाई है।
एक दिन पहले लापता हो गई थी गांव की किशोरी
पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वीरवार शाम को गांव की किशोरी लापता हो गई थी। परिजनों ने आईएमटी थाने में किशोरी के अपहरण की सूचना दी थी। जब ग्रामीणों ने लड़की को ढूंढने के लिए गांव में घेर (पशु बांधने की जगह) के पास की सीसीटीवी फुटेज देखी तो उसमें कर्मबीर नजर आया।
इसके बाद शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे कर्मबीर व कुलदीप पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जान बचाने के लिए घर में घुसे कर्मबीर और कुलदीप के पीछे भी हमलावर गए। बचाव में दोनों भाइयों ने ईंट-पत्थर भी फेंके। हमलावरों ने भी ईंटें फेंकीं।
फिर, कमरे में घुसकर दोनों के सिर, चेहरे, हाथ और पेट पर कई वार किए। दोनों भाइयों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। आरोपी भी गांव से भागे हुए हैं। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है। लोग कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
घटना के तीन घंटे बाद पहुंची पुलिस
सुबह सवा 11 बजे हुए दोहरे हत्याकांड की सूचना पुलिस को गांव के ही एक व्यक्ति से मिली। करीब दो बजे एएसपी प्रतीक अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस गांव पहुंची। करीब चार बजे एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया के पहुंचने पर मृतकों के भाई बलजीत को पुलिस सुरक्षा में घटनास्थल पर लाया गया। उसकी मौजूदगी में फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सरोज दहिया ने जांच की।
दोहरे हत्याकांड के पीछे किशोरी को लेकर विवाद हुआ है। मृतकों के भाई के बयान पर नौ लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट लिखी गई है। तीन टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। आरोपी जल्द गिरफ्त में होंगे। – सुरेंद्र सिंह भौरिया, पुलिस अधीक्षक