बांग्लादेश के चुनाव में अब चार दिन से भी कम का समय बचा है। सभी राजनीतिक दलों ने इन चुनावों की तैयारी में कमर कस ली है। खासकर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की गैरमौजूदगी और उनकी पार्टी- आवामी लीग को चुनाव से बाहर किए जाने के बाद हर दल की निगाह उसके वोटरों को अपनी तरफ लाने पर होगी। ऐसे में राजनीतिक दलों ने बांग्लादेश में पारंपरिक रूप से आवामी लीग के वोटर रहे लोगों को लुभाने की कोशिश शुरू कर दी है, फिर चाहे वह बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हों या बांग्लादेश और भारत के रिश्तों की पैरवी करने वाले लोगों का समूह। अधिकतर दलों ने अपनी विचारधारा को किनारे करते हुए वोट जुटाने के लिए वादों का पिटारा खोला है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि बांग्लादेश की तीन प्रमुख पार्टियों- बांग्लादेश नेशनल पार्टी (बीएनपी), जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) और नए-नए अस्तित्व में आए राजनीतिक दल- नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के घोषणापत्रों में अपने देश के लिए क्या अहम वादे हैं? भारत को लेकर इनमें क्या कहा गया है? देश के अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं को लेकर इन घोषणापत्रों में क्या जिक्र है? आइये जानते हैं…








