देहरादून के टीएटडीसी कॉलोनी निवासी लोकेंद्र के लिए केबीसी तक पहुंचने के सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चयन प्रक्रिया के तीन चरणों को पार किया। शुरुआती दो चरण टेलीफोन और कंप्यूटर आधारित थे। इसके बाद लखनऊ में आयोजित राउंड के माध्यम से अंतिम प्रतिभागियों का चयन किया गया। लोकेंद्र ने बताया कि शुरुआती चरण में उन्हें शीर्ष 10 प्रतिभागियों में जगह बनाने का अवसर मिला।
इसके बाद विभिन्न चरणों में आगे बढ़ते हुए वह हॉटसीट तक पहुंचने के लिए आयोजित मुकाबले के अंतिम दो प्रतिभागियों में शामिल हुए। इस दौरान उन्हें देश के चर्चित टेलीविजन कार्यक्रम का हिस्सा बनने और उसके अनुभव को करीब से जानने का अवसर मिला, जिसमें उनकी पत्नी गीता सोनी भी उनके साथ रहीं। उनके लिए यह कार्यक्रम में भागीदारी नहीं बल्कि अपनी जड़ों ,परंपराओं और लोक संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर भी था। उनके इस प्रयास से उत्तराखंड का पारंपरिक वेशभूषा को व्यापक पहचान मिली।