किश्तवाड़ आपदा- अपडेट: वायुसेना चलाएगी रेस्क्यू ऑपरेशन,आपदा में मरने वालों की संख्या हुई 60,और 120 घायल, लापता की तलाश जारी

किश्तवाड़ के चिशोती कस्बे में बृहस्पतिवार को चार जगह बादल फटने से 60 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें अधिकतर मचैल माता के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु हैं। सीआईएसएफ के दो जवान भी बलिदान हुए हैं। बड़े पैमाने पर राहत और बचाव का काम जारी है।

 

खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर से नहीं हो सकी लैंडिंग

डॉ. जितेंद्र सिंह ने ट्वीट कर जानकारी दी कि वे चिशोती (किश्तवाड़) में बादल फटने की घटना वाले स्थल के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर से रवाना हुए थे, लेकिन खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के चलते हेलिकॉप्टर एक घंटे की उड़ान के बाद वापस लौट आया। इसके तुरंत बाद उन्होंने सड़क मार्ग से प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना होने का फैसला लिया, ताकि जल्द से जल्द राहत कार्यों की निगरानी कर सकें।

छवि

अब वायुसेना चलाएगी रेस्क्यू ऑपरेशन
समाचार एजेंसी एएनआई को सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायु सेना जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की घटना के पीड़ितों के लिए राहत और बचाव अभियान चलाने के लिए तैयार है। वर्तमान में जम्मू और उधमपुर में दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर और एक उन्नत हेलीकॉप्टर (एएलएच) स्टैंडबाय पर हैं।

फारूक अब्दुल्ला बोले- वहां 500 से ज्यादा लोगों के दबे होने की आशंका
नेकां प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मुझे लगता है कि किश्तवाड़ में 500 से ज़्यादा लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं। अभी कुछ स्पष्ट पता नहीं है। मैंने वहां के लोगों से बात की है।

तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने ट्वीट कर कहा है कि, 14 अगस्त को किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर) के चिशोती गांव में बादल फटने की घटना हुई। एनडीआरएफ की दो टीमें केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान में शामिल हुईं। तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है।

सीएम उमर अब्दुल्ला ने पीएम मोदी को घटना में 60 लोगों की जान जाने की दी जानकारी
जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किश्तवाड़ जिले के एक सुदूर गांव में बादल फटने की विनाशकारी घटना के बारे में जानकारी दी है। इस घटना में 60 लोगों की मौत हो गई है और 100 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।
और पढ़े  जम्मू: बर्फीले इलाकों में जनगणना का पहला पड़ाव पार, लद्दाख की उपलब्धि, किश्तवाड़ देश का पहला स्नो-बाउंड जिला
  • Related Posts

    जम्मू: बर्फीले इलाकों में जनगणना का पहला पड़ाव पार, लद्दाख की उपलब्धि, किश्तवाड़ देश का पहला स्नो-बाउंड जिला

    जनगणना-2027 के तहत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनसंख्या गणना का पहला चरण पूरा हो गया है। दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 5,292 एन्यूमरेशन ब्लॉकों में…

    सेब होगा महंगा- इस बार 40 फीसदी कम हुई पैदावार, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में खेती पर मौसम की मार

    सेब इस बार महंगा बिकेगा। देश के दो शीर्ष उत्पादक राज्यों जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में सेब की पैदावार तेजी से घटी है। हिमाचल में पिछले साल के 4.07 लाख टन…