हिंदू नववर्ष-: 1.96 अरब वर्ष पहले बनी सृष्टि, विक्रम संवत को कई देशों ने माना, अंग्रेजी कैलेंडर भी 58 साल पीछे

Spread the love

गुड़ी पड़वा पर्व को हिंदुओं का नववर्ष माना जाता है। मान्यता है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर सृष्टि की उत्पत्ति हुई थी इसलिए इसे हिंदुओं के नववर्ष की तरह मनाते हैं। उज्जैन में चैत्र प्रतिपदा से विक्रम संवत (वर्ष) की शुरुआत हुई। आज भी इसे गुड़ी पड़वा पर्व पर शिप्रा नदी के रामघाट पर आतिशबाजी और रंगारंग कार्यक्रम कर विक्रमोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

 

हिंदू नववर्ष के कैलेंडर की शुरुआत उज्जैन शहर से हुई। इस कैलेंडर को विक्रम संवत या पंचांग भी कहा जाता है। उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य ने विक्रम संवत (वर्ष) की शुरुआत की थी, तभी से इस कैलेंडर के अनुसार हिंदू नववर्ष मनाया जाता है।

नेपाल में पूरी तरह माना जाता है विक्रम संवत
मान्यता है कि चैत्र की प्रतिपदा एकम के दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि का निर्माण किया था, इसलिए गुड़ी पड़वा के दिन नववर्ष मनाया जाता है। करीब 1 अरब 96 करोड़ 58 लाख 81 हजार 126 वर्ष पहले सृष्टि की रचना मानी जाती है। विक्रम संवत भारतीय कालगणना का सबसे अचूक प्रामाणिक पंचांग है। शादी, तीज, त्योहार या अन्य कार्यक्रम इसी पंचांग से तय होते हैं। विक्रम संवत सबसे प्राचीन है। इसके बाद हिजरी, ईस्वी आदि आए थे। विक्रम संवत को नेपाल, मॉरीशस, सूरीनाम और यूक्रेन जैसे देशों में माना जाता है। नेपाल में तो पूरी तरह विक्रम संवत ही चलता है।

पुरातत्वविद रमण सोलंकी ने बताया कि नव संवत्सर का मतलब नया साल होता है। संवत मतलब वर्ष होता है। भारत में आज भी अंग्रेजी कैलेंडर से ही काल की गणना की जा रही है। विक्रम संवत अंग्रेजी कैलेंडर से 58 वर्ष आगे है। अंग्रेजी कैलेंडर में वर्ष 2026 चल रहा है, जबकि 19 मार्च से विक्रम संवत 2083 शुरू होगा।

और पढ़े  ईरान का दावा- इराक में मार गिराया अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान, अमेरिका ने नकारा,जानें...

दुनिया भर में 60 से अधिक संवत
हिंदू कैलेंडर का पहला महीना चैत्र और आखिरी महीना फाल्गुन होता है। राजा विक्रमादित्य उज्जैन के राजा थे। विक्रमादित्य का जन्म 102 ईसा पूर्व हुआ था। उन्होंने 57 ईसा पूर्व भारत से शक साम्राज्य का पतन किया। शकों को हराने के बाद उन्होंने उनके कैलेंडर शक संवत की जगह इसी साल से विक्रम संवत शुरू किया। इसे आगे चलकर हिंदू कैलेंडर कहा है। दुनिया भर में 60 से अधिक संवत हुए, लेकिन विक्रम संवत सबसे ज्यादा प्रचलित है। उज्जैन में राजा विक्रमादित्य द्वारा विक्रम संवत की शुरुआत उज्जैन से की गई इसीलिए इसका सीधा संबंध उज्जैन से है।


Spread the love
  • Related Posts

    दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को बेल मिली,, जल्द ही जेल से होंगे रिहा

    Spread the love

    Spread the loveमोकामा के विधायक अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उन्हें चर्चित दुलारचंद यादव हत्या मामले में जमानत दे दी गई है। अदालत ने सुनवाई…


    Spread the love

    राजस्थान बोर्ड 10वीं रिजल्ट अपडेट- आज शाम तक घोषित होगी तारीख और समय

    Spread the love

    Spread the loveराजस्थान बोर्ड 10वीं के लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अपने एक्स पर कहा है कि आज शाम को रिजल्ट…


    Spread the love