मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू आज अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगे। हिमाचल प्रदेश के वित्तीय वर्ष 2026-27 के इस बजट में केंद्र सरकार की ओर से राजस्व घाटा अनुदान बंद करने का असर नजर आएगा।
बेरोजगारी का करें स्थायी समाधान
प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है, ऐसे में प्रदेश सरकार के इस बजट से उम्मीद है कि सरकारी विभागों में स्थायी रोजगार की व्यवस्था होगी।आउटसोर्स भर्तियों को पूरी से बंद करने के साथ ही सरकार प्रदेश में पर्यटन सहित अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को पैदा करने के साथ युवाओं में कौशल विकसित करने की दिशा में कोई निर्णय लेगी।-पवन शर्मा, प्रशिक्षित बेरोजगार युवा
सरकार से पक्की नौकरी, लंबित डीए और महंगाई पर रोक की आस
प्रदेश की खराब माली हालत के बावजूद हर वर्ग को सरकार के इस चौथे वार्षिक बजट से कुछ न कुछ राहत मिलने की आस है। लोगों को आस है कि सरकार महंगाई के इस दौर में रोजमर्रा की जरुरतों को पूरा करने और महंगाई कम करने की दिशा में कुछ प्रभावी कदम उठाएगी। रुके विकास कार्यों को रफ्तार देने, कर्मचारियों के लंबित डीए, एरियर सहित रोजगार के अवसर सृजित करेगी।
उद्यमी बोले-धारा 118 में संशोधन हो सौर ऊर्जा, जेनरेटर पर शुल्क खत्म करें
वहीं बीबीएन उद्योग संघ (बीबीएनआईए) ने प्रदेश सरकार से बजट में धारा-118 में संशोधन करने, सोलर एनर्जी और डीजल जनरेटर से शुल्क हटाने, एडिशन टैक्स समाप्त करने व बढ़े हुए एंट्री टैक्स को कम करने की मांग रखी है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार को आगामी बजट में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने चाहिए।बीबीएनआईए के अध्यक्ष वाईएस गुलेरिया ने कहा कि प्रदेश में अब नया निवेश नहीं हो रहा है। इसके लिए धारा-118 सबसे बड़ी बाधा है। उद्यमी नहीं चाहते कि धारा-118 को पूरी तरह से समाप्त किया जाए, लेकिन इसमें संशोधन करने की जरूरत है। कोई उद्यमी अपना कारोबार नहीं चला सकता है तो उसे अपने कारोबार दूसरे उद्यमी को देने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए अगर दूसरा उद्यमी भी उसी उद्योग को चलाना चाहता है। लेकिन यहां पर ऐसा नहीं है। उसे नए सिरे से धारा 118 की परमिशन लेनी पड़ती है, जिससे कई साल लग जाते हैं। ऐसे में लोगों का पैसा डूब रहा है। उद्योग संघ के महासचिव रजनीश विज ने कहा कि पूरे देश में सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने की योजनाएं बनाई जा रही हैं। लेकिन प्रदेश में जिन उद्यमियों ने अपने छतों पर सोलर पैनल लगाए हैं, सरकार उन पर टैक्स लगा रही है।बिजली चले जाने पर उद्योगपति डीजी सेट चलाता है तो उस पर टैक्स लगाया हुआ है, जो तर्कसंगत नहीं है। पर्व अध्यक्ष शैलेश अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी आने के बाद सभी अन्य टैक्स बंद कर दिए थे, लेकिन प्रदेश में कई सामान पर एडिशन गुड्स टैक्स लगता है।
सुक्खू सरकार का चौथा बजट साबित होगा धोखा : बिंदल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की अध्यक्षता में शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय, चक्कर शिमला में बैठक हुई। इसमें प्रदेश उपाध्यक्षों, महामंत्रियों और सचिवों ने भाग लिया। बैठक में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 की समीक्षा की गई। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से प्रस्तुत किया जाने वाला चौथा बजट भी प्रदेश की जनता के साथ एक और बड़ा धोखा साबित होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में कांग्रेस ने झूठी गारंटियों का जाल बिछाकर 65 लाख मतदाताओं के साथ विश्वासघात किया और सत्ता हासिल की। डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने 28 लाख महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देने का वादा किया था। इसे पहली कैबिनेट में लागू करने की बात कही गई थी लेकिन प्रदेश की महिलाओं को एक भी रुपया नहीं मिला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब मुख्यमंत्री 1500 की जगह 100 देने की बात कर रहे हैं, जो कांग्रेस की नीयत और नीति दोनों को उजागर करता है। कांग्रेस ने युवाओं को 5 लाख रोजगार और एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा भी किया था लेकिन यह वादा धरातल भी पर पर दिखाई नहीं देता। यह बेरोजगार युवाओं के साथ यह मजाक है और आने वाला बजट भी उनके साथ छलावा ही साबित होगा। डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी, अधिकारी और सेवानिवृत्त वर्ग अपने हकों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
राज्य पर वर्तमान में एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज
मुख्यमंत्री सुक्खू के बजट भाषण पर सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों, किसानों-बागवानों, पर्यटन कारोबारियों, व्यवसायियों, उद्योगपतियाें आदि की खास नजर है। राज्य पर वर्तमान में एक लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। सरकार पर कर्मचारियों-पेंशनरों समेत कई वर्गों की देनदारियां हैं। बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री के वित्तीय प्रबंधन पर भी सभी की निगाहें हैं। बजट पर सोमवार से सामान्य चर्चा शुरू होगी। 25 मार्च को सामान्य चर्चा का समापन होगा। 27 मार्च से बजट की मांगों पर चर्चा और मतदान हाेगा। 30 मार्च को बजट पारित कर दिया जाएगा।







