पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच मंगलवार को बुलियन पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमत 9050 रुपये गिरकर 2.16 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 2360 रुपये गिरकर 1.37 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमत
वहीं सोमवार को कॉमेक्स पर सोने की कीमत करीब 3% गिरकर 4,462 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। यही नहीं, साल 1983 के बाद यह सोने का सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन रहा, जिसमें लगभग 11% की गिरावट दर्ज की गई है। चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। एशियाई कारोबार के दौरान कॉमेक्स पर चांदी करीब 3% टूटकर 67.5 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
ईरान से जुड़े संघर्ष के चौथे सप्ताह में प्रवेश करते ही कीमती धातुओं पर दबाव और बढ़ गया है। 28 फरवरी से तनाव बढ़ने के बाद स्पॉट गोल्ड अब तक करीब 15% गिर चुका है और जनवरी में बने अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 22% नीचे आ गया है।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर सोना महंगाई के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार बढ़ती ब्याज दरों की आशंका इसके लिए नकारात्मक साबित हो रही है। ऊंची ऊर्जा कीमतों के चलते महंगाई बढ़ने की संभावना है, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं। चूंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए निवेशक इससे दूरी बना रहे हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक, निकट भविष्य में सोने की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, क्योंकि निवेशक जोखिम कम करने की रणनीति अपना रहे हैं। ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव ने महंगाई की चिंताओं को बढ़ाया है, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर किया है और वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर भी दबाव डाला है।









