देहरादून: MBBS प्रमाणपत्र फर्जीवाड़ा मामला, 1 और गिरफ्तारी, एसआईटी ने मध्यप्रदेश के दलाल को किया गिरफ्तार

प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े में एसआईटी ने अब मध्य प्रदेश के दलाल धीरज श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। धीरज श्रीवास्तव दाखिलों की दलाली में पहले पकड़े गए रूपेश पंडित का भी गुरु है। रूपेश पंडित ने धीरज श्रीवास्तव के माध्यम से ही स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी के फर्जी प्रमाणपत्र बनवाए थे।

श्रीवास्तव की गाड़ी से पुलिस ने 5.58 लाख रुपये बरामद किए हैं। इसके अलावा रूपेश पंडित के घर से भी पुलिस को आठ लाख रुपये मिले हैं जो छात्रा के पिता अरविंद उसे दाखिलों के लिए दिए थे। पुलिस के रडार पर कई और भी आरोपी हैं जिनकी जल्द गिरफ्तारी की जा सकती है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र के आधार पर दाखिला पाने के मामले में एसआईटी हर दिशा में जांच कर रही है। दो दिन पहले एक छात्रा परी के पिता अरविंद और मेरठ निवासी रूपेश पंडित को गिरफ्तार किया गया था।
अपनी बेटी के दाखिले के सिलसिले में रूपेश पंडित से बात की
रूपेश और अरविंद से पूछताछ की गई तो मूल रूप से मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी धीरज श्रीवास्तव का नाम सामने आया। पुलिस ने श्रीवास्तव की तलाश शुरू की तो उसे बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। धीरज ने पुलिस को बताया कि वह भोपाल में एमबीबीएस-वे नाम से एक कार्यालय संचालित करता है। इसके माध्यम से वह निजी विवि में एमबीबीएस, बीटेक, बीसीए, बीकॉम आदि कोर्स में कमीशन के आधार पर दाखिले करवाता है। रूपेश से उसकी मुलाकात डेढ़ साल पहले उत्तरकाशी के मंजरी देवी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज हिटाणु में हुई थी।
इसके बाद से दोनों एक-दूसरे से मिलते रहते थे। पिछले दिनों अरविंद ने अपनी बेटी के दाखिले के सिलसिले में रूपेश पंडित से बात की। अरविंद अपनी बेटी के अलावा दो और छात्राओं के दाखिले करवाना चाहता था। इस पर रूपेश ने धीरज से बात की। धीरज ने भी अपने एक और साथी से इस संबंध में बात की तो पता चला कि लो मेरिट वाले छात्रों का दाखिला स्वतंत्रता सेनानी कोटे से आसानी से हो सकता है। इसके बाद उन्होंने फर्जी आधार कार्ड और फिर एआई की मदद से स्वतंत्रता सेनानी धर्मवीर वर्मा का फोटो बनाकर प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर दिया। इसके आधार पर तीनों छात्राओं का दाखिला एमबीबीएस में हो भी गया। यह सारा काम कचहरी के एक बिचौलिया के माध्यम से किया गया है। इसकी जानकारी भी धीरज श्रीवास्तव से ही मिली है।
पुलिस कस्टडी रिमांड में लिया जाएगा रूपेश
एसएसपी ने बताया कि इस मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। रूपेश पंडित को पुलिस कस्टडी रिमांड में लेने के लिए भी न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया जाएगा। ताकि, और भी जानकारियां जुटाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके। इस मामले में अभी तक 10 से 12 लोगों की पहचान हुई है। कुछ दिन पहले तक रूपेश पंडित ही इस गिरोह का मास्टरमाइंड माना जा रहा था लेकिन अब धीरज श्रीवास्तव को पकड़ा गया तो यह चेन और भी लंबी हो गई। अब तक के फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड धीरज श्रीवास्तव ही माना जा रहा है।
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