वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपना 9वां बजट पेश किया। बजट भाषण में उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऐलान किए, जिनमें खासतौर पर कस्टम ड्यूटी में कटौती शामिल है। इसका मतलब है कि अब कुछ प्रमुख आयातित वस्तुएं और आवश्यक चीजें आमजन के लिए सस्ती हो जाएंगी। इस फैसले के बाद आमजन के लिए घरेलू उपयोग की कई चीजें अब पहले से किफायती होंगी।
सरकार का यह कदम न केवल ग्राहकों की जेब पर बोझ कम करने के लिए है, बल्कि घरेलू बाजार में खरीदारी को बढ़ावा देने और उपभोक्ता वस्त्रों और इलेक्ट्रॉनिक्स की उपलब्धता आसान बनाने के लिए भी है। आइए आसान शब्दों में जानते हैं बजट के ऐलानों के बाद कौन-कौन सी चीजें आमजन के लिए सस्ती हुई हैं और किन चीजों को खरीदने का असर सीधा उनकी जेब पर पड़ेगा।
1. समुद्री खाद्य और मछली पालन
- समुद्री उत्पादों की प्रोसेसिंग के लिए आयात सीमा बढ़ाई गई है।
- इससे मछली पालन उद्योग से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी।
- संबंधित समुद्री उत्पाद सस्ते उपलब्ध होंगे।
2. जूते और चमड़े का उद्योग
- जूतों के ऊपरी हिस्सों के निर्यात के लिए शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी गई।
- इससे जूते बनाने की लागत कम होगी।
- देश में बिकने वाले जूते सस्ते होंगे।
- चमड़े और वस्त्र परिधानों के कच्चे माल पर आयात छूट की समयसीमा एक साल बढ़ाई गई।
3. इलेक्ट्रॉनिक और लिथियम आधारित उत्पाद
- लिथियम आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट।
- इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी सस्ते होंगे।
- माइक्रोवेव ओवन बनाने वाले पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी में छूट।
4. औद्योगिक और महत्वपूर्ण खनिज
- सेमीकंडक्टर और अन्य अहम खनिजों की प्रोसेसिंग में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर आयात छूट।
- इससे उत्पादन लागत कम होगी।
- उद्योगों को मजबूती और घरेलू उत्पादन बढ़ावा मिलेगा।
5. ऊर्जा और बायोगैस सस्ती
- बायोगैस मिश्रित सीएनजी पर शुल्क में छूट।
- इससे बायोगैस आधारित ईंधन सस्ता होगा।
- ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
6. रक्षा और विमानन क्षेत्र
- एयरक्राफ्ट के पुर्जों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट।
- रक्षा उपकरणों के पुर्जों पर आयात शुल्क में छूट।
- भारत में विमान और रक्षा उपकरण बनाने की लागत कम होगी।
7. स्वास्थ्य और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन
- कैंसर और अन्य गंभीर रोगों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी में छूट।
- विदेशी टूर पैकेज पर TCS घटाकर 2% किया गया।
- विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए पैसा भेजने पर LRS के तहत TCS घटाकर 2% किया गया।
- इससे मरीजों, छात्रों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए खर्च कम होगा।








