बिहार: कैब और बाइक टैक्सी कम्पनियों को क्यों दिया गया 30 अक्तूबर तक का अल्टीमेटम, नियम नहीं माने तो क्या होगा?

बिहार में ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप आधारित कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। परिवहन विभाग ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे चालकों की समस्याओं के समाधान के लिए कॉल सपोर्ट, हिंदी और अंग्रेजी में चैटबॉट और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएं। निर्देशों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। ओला और उबर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 30 अक्तूबर तक अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा गया है।

परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने एग्रीगेटर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में पहले दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। उन्होंने जरूरत के समय यात्रियों को आपातकालीन परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के माध्यम से एंबुलेंस सेवा का विस्तार करने की संभावनाओं पर भी काम करने को कहा। संबंधित कंपनियों को इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
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