चीन के सबसे संवेदनशील नेशनल सुपरकंप्यूटिंग सेंटर में हुए एक बड़े डेटा ब्रिच ने दुनिया भर की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। हैकर्स ने 10 पेटाबाइट्स से ज्यादा डेटा चुराया है, जिसमें एयरोस्पेस, रक्षा तकनीक और मिलिट्री सिमुलेशन्स से जुड़े बेहद गोपनीय प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
चीन के नेशनल सुपरकंप्यूटिंग सेंटर (NSCC) तियानजिन में एक हैकर ने करीब छह महीने तक चुपके से डेटा चोरी की। दस पेटाबाइट्स के इस बड़े डेटा सेट में रक्षा तकनीक, मिसाइल स्कीमैटिक्स और एयरोस्पेस रिसर्च के गुप्त फाइलें हैं। हैकर ने वीपीएन के जरिए एक्सेस पाकर बॉटनेट का इस्तेमाल किया और डेटा को टुकड़ों में निकाला। अब यह डेटा डार्क वेब और टेलीग्राम पर क्रिप्टोकरेंसी के बदले बेचा जा रहा है।
हैकर ने हमला करने के लिए कोई बहुत जटिल तकनीक नहीं अपनाई, बल्कि सावधानी और धैर्य का परिचय दिया। उसने एक कॉम्परोमाइज्ड वीपीएन एंट्री पॉइंट का इस्तेमाल किया और एक बॉटनेट के जरिए छह महीने तक धीरे-धीरे डेटा निकाला। टुकड़ों में डेटा चोरी करने की वजह से किसी भी सुरक्षा सिस्टम (अलार्म) को भनक नहीं लगी।
क्या-क्या हुआ लीक?
एक्सपर्ट्स ने लीक हुए डेटा सैंपल्स की पुष्टि की है। इनके अनुसार लीक में…
- मिसाइल और फाइटर जेट: रक्षा प्रणालियों की विस्तृत स्कीमैटिक्स शामिल हैं।
- एयरोस्पेस रिसर्च: चीन की प्रमुख विमानन संस्थाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
- वॉर सिमुलेशन्स: बायोइनफॉर्मेटिक्स और फ्यूजन सिमुलेशन्स के गुप्त डेटा।
- क्लासिफाइड फाइल्स: कई दस्तावेजों पर आधिकारिक गुप्त मार्किंग मिली है।
डार्क मार्केट में मची खलबली
फ्लेमिंग चाइना नाम के एक अकाउंट ने टेलीग्राम चैनल पर सैंपल्स डालकर पूरे डेटासेट को क्रिप्टोकरेंसी के बदले बेचने का ऑफर दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह डेटा अन्य देशों की खुफिया एजेंसियों के लिए बेहद कीमती हो सकता है।
कितना बड़ा है यह नुकसान?
10 पेटाबाइट डेटा का मतलब है लगभग 10 हजार टेराबाइट डेटा। अगर यह सही है, तो यह चीन के इतिहास का सबसे बड़ा और गंभीर सुरक्षा ब्रिच माना जा रहा है, जो न केवल तकनीकी बल्कि सामरिक दृष्टि से भी देश को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।








