देहरादून से आई विजिलेंस की टीम ने शुक्रवार को हरिद्वार के जिलापूर्ति अधिकारी श्याम आर्य और उनके निजी सहायक (पीए) गौरव शर्मा को 50 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। कई घंटों तक दोनों से कार्यालय में ही पूछताछ की गई। इसके बाद दोनों को टीम अपने साथ देहरादून ले गई।
विजिलेंस के मुताबिक, जिलापूर्ति अधिकारी श्याम आर्य और निजी सहायक गौरव शर्मा एक राशन डीलर से विभागीय कार्य में अनुकूल कार्रवाई कराने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। राशन डीलर ने पहले तो रिश्वत देने के लिए हामी भर दी, लेकिन बाद में उसने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की ठानी। राशन डीलर ने इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान से की, जिसकी गोपनीय जांच की गई। प्रथमदृष्टया मामला सही मिलने पर आरोपियों को पकड़ने के लिए योजना बनाई गई।
शुक्रवार को योजना के मुताबिक राशन डीलर रिश्वत की रकम लेकर डीएसओ कार्यालय पहुंचा। जैसे ही रिश्वत की रकम दी गई, वैसे ही सतर्कता टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
डीएसओ की गाड़ी का चालक भूमिगत
कार्रवाई के बाद डीएसओ की सरकारी गाड़ी का चालक अचानक गायब हो गया। बताया गया कि वाहन की चाबी उसी के पास थी और गाड़ी में कुछ अहम कागजात रखे होने की चर्चा है। विजिलेंस की टीम देर रात तक चालक का पता लगाने में जुटी रही। तहसील परिसर में विजिलेंस की कार्रवाई की सूचना मिलते ही ज्वालापुर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और देर रात तक जांच पड़ताल चलती रही।








