अयोध्या: बाढ़ पीड़ितों की बेबसी- जोखिम उठाकर नाव से स्कूल जाते हैं बच्चे

 

योध्या में सरयू नदी की बाढ़ ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है। पूरा बाजार क्षेत्र के पिपरी संग्राम गांव के संतोखी निषाद, राम प्रकाश निषाद, गोली निषाद, मंगरु निषाद, हरि निषाद और बांकेलाल निषाद ने बताया कि उनके घर वर्षों पहले बाढ़ में कटकर नदी में समा गए। मजबूरीवश इन परिवारों ने नदी की दो धाराओं के बीच टापू जैसे बने स्थान पर फूस का घर डालकर जिंदगी गुजारनी शुरू कर दी।

बांकेलाल निषाद ने बताया कि सरयू नदी यहां दो धाराओं में बंट जाती है। आगे जाकर फिर मिल जाती है। ऐसे में यह स्थान चारों तरफ से पानी से घिर गया है। बच्चों को पढ़ाई से वंचित न होने देने के लिए उन्होंने प्राइवेट नाव बनाई है। इसी नाव से रोज बच्चे कछार के गांव स्थित मूड़ाडीह प्राथमिक विद्यालय आते-जाते हैं।

 

कक्षा चार के कुनाल, कक्षा सात के सनी, कक्षा आठ की रोली व प्रिया, कक्षा पांच के रामसेवक व शिवा, कक्षा चार के राम केवल और कक्षा छह की खुशी ने बताया कि रोजाना जान जोखिम में डालकर नाव से स्कूल जाना पड़ता है। अगर नाव से न जाएं तो पढ़ाई छूट जाएगी।

ग्रामीणों ने बताया कि घर कटने के समय प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया था कि कछार के गांव में मकान बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन आज तक कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। नतीजतन, परिवारों को टापू पर फूस का घर बना कर खतरनाक हालात में जिंदगी गुजारनी पड़ रही है।

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