रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के बाद अब गृह मंत्री अमित शाह ने भी जोहो (ZOHO) इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है, आपको बता दें कि तीनों मंत्रियों ने सभी कार्यालयों, सभी विभागों और सभी मंत्रियों से इसे अपनाने की अपील की थी।
क्या है जोहो (ZOHO)?
जोहो (Zoho) एक भारतीय टेक कंपनी है जिसका मुख्यालय चेन्नई में है। जोहो आज दुनिया भर में क्लाउड-बेस्ड बिजनेस सॉल्यूशंस के लिए एक भरोसेमंद नाम बन चुकी है। यह कंपनी छोटे से लेकर बड़े उद्यमों तक को डिजिटल टूल्स प्रदान करती है, जिससे वे अपने काम को अधिक आसानी और कुशलता से कर सकें। जोहो एक भारतीय मल्टीनेशनल कंपनी है, जो एक व्यापक सॉफ्टवेयर सूट मुहैया कराती है। इसमें सेल्स, मार्केटिंग, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्स, आईटी मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और कस्टमर सर्विस से जुड़े कई क्लाउड-बेस्ड एप्लिकेशन शामिल हैं। जोहो के 55 से अधिक प्रोडक्ट्स एक-दूसरे के साथ इंटीग्रेट होकर काम करते हैं, जिससे यूजर को एक इंटीग्रेटेड अनुभव मिलता है। इनमें जोहो CRM, जोहो बुक्स, जोहो मेल, जोहो प्रोजेक्ट्स, जोहो डेस्क जैसे लोकप्रिय टूल्स शामिल हैं।
जोहो मेल क्या है?
जोहो मेल पूरी तरह सिक्योर और एड-फ्री ईमेल सर्विस है। इसका मतलब है कि आपके इनबॉक्स में कोई भी विज्ञापन नहीं दिखाई देता और आपका डेटा पूरी तरह निजी और सुरक्षित रहता है। ईमेल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और डेटा प्रोटेक्शन फीचर्स शामिल हैं, जो इसे कॉर्पोरेट यूजर्स के लिए बेहद विश्वसनीय बनाते हैं। जोहो मेल सिर्फ एक ईमेल प्लेटफॉर्म नहीं है बल्कि यह एक इंटीग्रेटेड बिजनेस सूट है, जिसमें कैलेंडर, नोट्स, टू-डू लिस्ट, कॉन्टैक्ट्स, जैसे टूल्स एक ही जगह पर उपलब्ध हैं। इससे यूजर्स को अपने काम, मीटिंग्स, और टीम टास्क्स को एक ही डैशबोर्ड से मैनेज करने की सुविधा मिलती है।









