अखिलेश यादव ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बंगाल के लोगों के हवाले से कहा कि चुनाव आयोग के हाथ खून से रंगे हैं। कहा, एसआईआर में भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर गड़बड़ियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर के मुद्दे पर संसद से लेकर सड़क तक संघर्ष किया जाएगा। अखिलेश शनिवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
इस दौरान सपा अध्यक्ष ने मलिहाबाद लखनऊ के मृत बीएलओ विजय वर्मा की पत्नी संगीता को दो लाख रुपये का चेक भी दिया। संगीता ने रोते हुए अपने परिवार की पीड़ा सामने रखी। अखिलेश ने कहा कि एसआईआर का काम सावधानी और जिम्मेदारी का है। इसमें इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है। भाजपा और चुनाव आयोग मिले हुए हैं। कहा, बीएलओ की मदद के लिए बतौर सहायक नगर पालिका के सफाई कर्मचारी रखे जा रहे हैं। बहुत जगह फॉर्म नहीं बंटे। संविधान के तहत जो अधिकार और आरक्षण मिला है, उसे छीनने की तैयारी है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है कि जिनकी मौत हो जाए उन्हें ड्यूटी पर न दिखाया जाए। बिना ट्रेनिंग के एसआईआर संबंधी काम कराया जा रहा है। अखिलेश ने कहा कि शुक्रवार की रात वे फतेहपुर में आत्महत्या करने वाले बीएलओ के परिवार से भी मिले। परिजन बता रहे थे कि उनके ऊपर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इनकी मदद कौन करेगा जिनकी जान गई है।
घोसी क्षेत्र में 20 हजार मतदाताओं के नाम कटे
अखिलेश ने कहा कि बताया जा रहा है कि संसदीय निर्वाचन क्षेत्र घोसी के विधानसभा क्षेत्र में 20 हजार मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। एसआईआर के फार्म अधिकांश गांवों तक नहीं पहुंचाए गए हैं।







