Action Plan: दिल्ली के स्कूलों में छुट्टी से पहले बच्चे पिएंगे ओआरएस घोल, नोएडा में सुबह 7:30 से कक्षाएं

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दिल्ली-एनसीआर में स्कूली बच्चों को भीषण गर्मी के प्रकोप से बचाने के लिए शासम सक्रिय हुआ है। दिल्ली में जहां बच्चों को लू-लपट और डीहाईड्रेशन से बचाने के लिए ओआरएस घोल पिलाने की तैयारी है तो नोएडा में स्कूल के समय में बदलाव किया गया है।

 

राजधानी में बढ़ती गर्मी देखते हुए सरकार ने हीट वेव एक्शन प्लान 2026 को और सख्त किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इससे निपटने के लिए मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से तैयारी करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें स्कूल में छुट्टी से पहले बच्चों को ओआरएस दिया जाएगा। बहुत ज्यादा गर्मी की स्थिति में निर्माण स्थलों पर मजदूरों के लिए दोपहर 12 से तीन के बीच काम रोक दिया जाएगा। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि पशु-पक्षियों के लिए पार्कों, सार्वजनिक जगहों पर पानी रखा जाए।

स्कूलों में बच्चों को छुट्टी से पहले ओआरएस का घोल पिलाकर घर भेजने के पीछे सरकार का मकसद यह है कि ताकि रास्ते में डिहाइड्रेशन से बच्चे को बचाया जा सके। यह व्यवस्था दिल्ली सरकार के करीब 15 लाख और एमसीडी स्कूलों के लगभग 6 लाख, यानी कुल करीब 21 लाख बच्चों के लिए लागू होगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि सेटेलाइट डेटा के आधार पर थर्मल हॉटस्पॉट और हीट आइलैंड वाले इलाकों की पहचान की गई है, जहां तापमान सबसे ज्यादा रहता है। दक्षिण दिल्ली का आयानगर, पश्चिम दिल्ली का नजफगढ़ और सफदरजंग समेत कई इलाके पहले ही रिकॉर्ड तापमान झेल चुके हैं। वजीरपुर, जहांगीरपुरी, ख्याला, शास्त्री पार्क, विश्वास नगर, हरकेश नगर, हरि नगर और दिल्ली गेट को भी संवेदनशील क्षेत्र माना गया है। बाहरी दिल्ली के सावदा, मुबारकपुर डबास, भलस्वा, नंद नगरी, गोकुलपुरी और बक्करवाला जैसे इलाकों में भी गर्मी का असर ज्यादा पाया गया है।

इन हॉटस्पॉट इलाकों के लिए अलग से तैयारी की गई है। यहां स्वास्थ्य केंद्रों में अतिरिक्त ओआरएस पैकेट, पानी के टैंकर और क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा है कि गर्मी से राहत के लिए कूल रूफ पॉलिसी 2026 पर तेजी से काम चल रहा है। कश्मीरी गेट बस अड्डे की छत पर रिफ्लेक्टिव कोटिंग की गई है, जिससे अंदर का तापमान कम रहेगा। बस स्टॉप पर हाई प्रेशर मिस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे और एंटी-स्मॉग गन के जरिये आसपास के तापमान को कम करने की कोशिश की जाएगी।

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लू का असर
दिल्ली में तापमान लगातार बढ़ने के साथ ही लू का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। कई सरकारी और निजी अस्पतालों में लू की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। एम्स, सफदरजंग, आरएमएल अस्पताल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में रोजाना ओपीडी में 80 से अधिक मरीज आ रहे हैं। साथ ही, रोजाना ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिन्हें लू के लक्षणों के साथ भर्ती कराया जा रहा है।

डॉक्टरों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और बेहोशी जैसे लक्षण बढ़े हैं। खासतौर पर बुजुर्ग, बच्चे और खुले में काम करने वाले लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लू के मामलों में तेजी आई है।

ओपीडी में रोजाना लगभग 80 मरीज ऐसे लक्षणों के साथ आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई मरीज समय पर इलाज न मिलने के कारण गंभीर स्थिति में पहुंच रहे हैं और कुछ को भर्ती भी करना पड़ रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त पानी पीएं।

आरएमएल अस्पताल में हीट स्ट्रोक यूनिट सक्रिय
डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में हीट स्ट्रोक यूनिट को सक्रिय कर दिया गया है। एबीवीआईएमएस और आरएमएल अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. एल. श्याम ने गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों जैसे कमजोर तबकों के लिए ज्यादा सावधानी बरतने को कहा है। हीट स्ट्रोक यूनिट के इंचार्ज डॉ. चौहान ने एनपीसीसीएचएच के साथ मिलकर लू से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर के दिशा-निर्देश बनाने में योगदान दिया है।  अन्य अस्पतालों ने भी बेड आरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिससे आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत उपचार मिल सकें।

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नोएडा के स्कूलों में सुबह 7:30 से चलेंगी कक्षाएं
लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्कूलों का समय बदल दिया गया है। अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कक्षाएं चलेंगी फैसले का उद्देश्य बच्चों को लू और तेज धूप से बचाकर सुरक्षित पढ़ाई सुनिश्चित करना है। अभी तक स्कूलों का समय सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक है। बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने कहा है कि यह बदलाव सभी स्कूलों पर लागू होगा।


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