शांत स्वभाव के मुख्यमंत्री धामी को भी गुस्सा आता है। उनका गुस्सा बृहस्पतिवार को भुजियाघाट में आयोजित सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर तब देखने को मिला जब संबोधन के दौरान उन्हें एक ऐसा कागज पकड़ा दिया गया जिसमें भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम गलत लिखा था। मुख्यमंत्री कागज को देख लोगों का नाम संबोधित करते रहे और जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट के नाम की जगह प्रदीप बिष्ट बोल गए।
गलती का अहसास होते ही उन्होंने उस पर्चे को हवा में उछालकर फेंक दिया और बोले ऐसे पर्चे का क्या फायदा जिसमें नाम ही गलत लिखा हो। हुआ यूं कि संबोधन से पहले किसी ने एक कागज पर वहां मौजूद विशिष्ट व अति विशिष्ट लोगों के नाम लिखकर विधायक भगत के हाथ में दे दिया। बाद में यही पर्चा सांसद अजय भट्ट के पास पहुंचा। दोनों ने इसी पर्चे में पढ़कर लोगों के नाम पुकारे। यही कागज बाद में मुख्यमंत्री के डायस पर पहुंच गया। तमाम लोगों का नाम लेने के बाद सीएम ने जिलाध्यक्ष का नाम गलत ले लिया और अहसास होने पर पल भर में ही उस कागज को हवा में उछाल दिया। बाद में उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के नाम बगैर कागज के लिए।
इस कागज में नाम किसने लिखे यह तो पता नहीं चला लेकिन प्रदीप बिष्ट के नाम का संबोधित करने के बाद सीएम की ओर से उछाले गए इस कागज के टुकड़े से वहां मौजूद लोग इस घटनाक्रम के अलग-अलग मायने निकालते रहे।









