बिहार में चुनावी प्रचार-प्रसाद की शुरूआत हो चुकी। आज पीएम मोदी NDA के लिए वोट मांगने बिहार आये हैं। समस्तीपुर में उन्होंने चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान महागठबंधन पर जमकर हमला बोला।
पीएम मोदी ने कहा कि अब बिहार रुकने वाला नहीं है। एनडीए कार्यकर्ताओं से अपील है कि आप ऐसे ही एकजुट रहिए। हर कार्यकर्ता को बूथ-बूथपर एकजुट रहकर काम करना है। भाजपा, जदयू, लोजपा, हम और रालोमो सभी इस मंच पर हैं। इनमें से जिसका भी उम्मीदवार मैदान में हैं, उन्हें जिताना है। हमें जरूर पक्का करना है कि छह और 11 नवंबर को आपको बूथ पर पहुंचना है। आप याद रखना है कि पहले मतदाता फिर जलपान। इस बार हमलोगों को वोटिंग का नया रिकॉर्ड बनाना है।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आपको राजद और कांग्रेस की बदनियत से भी सावधान करता हूं। यह लठबंधन वाले जिन्हें चुनाव में लड़वा रहे हैं, उनके बारे में जानकर आप डर जाएंगे। अभी से यह लोग धमकी देने लगे हैं। इनका प्रचार गोली-बंदूक के बल पर चल रहा है। इसलिए आपको इन लोगों से सावधान रहना है। आपको जंगलराज वालों का डिब्बा गुम करना जरूरी है। केंद्र सरकार ने आपको मुफ्त गैस कनेक्शन दिया। लाखों शौचालय बनाएं। पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था करवाई। पीएम मोदी ने महिला रोजगार पर भी बात की। कहा कि बिहार की महिला अपने उद्यम को सफल बनाने में जुटी है। 14 नवंबर के बाद जब फिर से एनडीए सरकार बनेगी तो गरीब महिलाओं को रोजगार के लिए अधिक मदद दिया जाएगा। हमारी सरकार मैथिली और मिथिला कला को आगे बनाने में जुटी है।
पीएम मोदी ने कहा कि राजद के शासनकाल में हत्या, अपहरण और फिरौती एक उद्योग के रूप में फैले। सबसे ज्यादा महिलाएं और युवा पीड़ित रहते। दलित और पिछड़ों के लिए न्याय की उम्मीद दम तोड़ देती थी। राजद और कांग्रेस के शासनकाल में बिहार में नक्सलवाद भी खूब फले-फूले। लोगों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल था। माओवादी आतंक ने सैकड़ों लोगों की जान ले ली। 2014 में आपलोगों ने एनडीए सरकार को दिल्ली में बैठया। मैंने संकल्प लिया के देश को माओवादियों से मुक्त करना है। हमने बिहार में नक्सलवाद और माओवाद की कमर तोड़ दी है। बहुत जल्द बिहार और देश को माओवाद के आतंक से मुक्त होगा। यह मोदी की गारंटी है।
पीएम मोदी ने कहा कि छोटे किसानों को कोई सरकारी नहीं मिलती थी। बैंकों का दरवाजा बंद था। लेकिन, पहली बार एनडीए सरकार ने किसानों के लिए बैंकों के दरवाजे खोले। बिहार के छोटे किसानों के खाते में 28 हजार करोड़ रुपये किसान सम्मान निधि योजना के लिए जरिए जमा किए गए। आप बताइए अगर जंगलराज की सरकार रहती तो क्या आपके खाते में यह पैसे आते क्या? लालटेन और पंजे वाले आपका पैसा खा लेते थे। आप जैसा समृद्ध बिहार चाहते हैं, एनडीए भी वैसा बिहार बनाने के लिए ईमानदारी से जुटा है। राजद और कांग्रेस वालों से आप बिहार के विकास और भविष्य की चिंता नहीं कर सकते हैं। उन्हें केवल अपने परिवार की चिंता है। इसलिए वह रोज नए-नए झूठ बोल रहे हैं। झूठे वादे कर रहे हैं। लेकिन, राजद और कांग्रेस वालों यह मत भूलो कि यह आर्यभट्ट की धरती है। यहां का युवा सारा गणित समझता है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने जनसभा में आए लोगों से मोबाइल की लाइट जलाने के लिए कहा। इसके बाद जब लोग मोबाइल का लाइट जलाकर खड़े हुए तो पीएम मोदी ने कहा कि जब इतनी लाइटें हैं तो आपको लालटेन की जरूरत है क्या? बिहार में अब लालटेन की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आज भारत में सबसे ज्यादा सस्ता इंटरनेट उपलब्ध है। एक कप चाय जितनी कीमत में एक जीबी डाटा उपलब्ध हो जाता है। बिहार के युवा इंटरनेट के माध्यम से अच्छी कमाई भी करते हैं। मिथिला का यह क्षेत्र खेती, मछलीपालन और पशुपालन के लिए जाना जाता है। पीएम मोदी ने कहा कि बिहार को पहले दूसरे राज्यों से मछली मंगवानी पड़ती थी लेकिन आज बिहार दूसरे राज्यों को मछली भेजता है।
पीएम मोदी ने एनडीए के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एनडीए का मतलब सुशासन, जनता की सेवा और विकास है। आपका उत्साह देखकर लगता है कि बिहार इस बार एनडीए को अब तक का सबसे बड़ा जनादेश देगा। 2005 का अक्टूबर महीना ही था, जब बिहार ने जंगलराज से मुक्ति पाई थी। नीतीश कुमार ने नेतृत्व में एनडीए का सुशासन शुरू हुआ था। लेकिन, 10 साल तक कांग्रेस और राजद की सरकार रही। यूपीए सरकार ने बिहार को नुकसान पहुंचाने में कोई कमी नहीं रखी। राजद वाले आपलोगों से दस साल तक बदला लेते रहे कि आपलोगों ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री क्यों बनाया? राजद वाले कांग्रेस को धमकाते थे कि अगर बिहार में नीतीश कुमार की कोई बात मानी, बिहार में कोई प्रोजेक्ट शुरू किया तो हमलोग आपसे समर्थन वापस ले लेंगे। राजद वालों ने बिहार का विकास नहीं होने दिया। नीतीश कुमार ने दिन-रात बिहार के लिए काम करते रहे। बिहार को बड़ी मुसीबत से बाहर निकाला। आज बिहार का ऐसा कोई कोना नहीं है, जहां विकास का कोई न हुआ हो। आप कहीं भी चले जाइए, वहां कोई न कोई विकास का काम चलता दिखाई देगा।






