लालकुआं क्षेत्र के समाजसेवी एवं प्रॉपर्टी डीलर महेश जोशी की बरेली राममूर्ति अस्पताल में सोमवार को मौत हो गई। संदिग्ध परिस्थितियों में तहसील में जहर खाकर आत्महत्या के प्रयास के बाद उन्हें बरेली रेफर किया गया था। उनकी मौत के बाद सोमवार को लालकुआं में स्थानीय निवासियों ने परिवारजनों के साथ कोतवाली के बाहर शव रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोग पटवारी पूजा रानी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे, जिनका नाम मृतक जोशी सुसाइड नोट में लिखकर छोड़ गए थे। देर शाम मुकदमा दर्ज करने और पटवारी की गिरफ्तारी का वीडियो कॉल पर दृश्य दिखाए जाने के बाद ग्रामीण शव उठाने को राजी हुए।
प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस अधिकारी ग्रामीणों को समझाने लगे और कहने लगे कि यहां सक्षम अधिकारी आ रहे हैं, तो भड़के ग्रामीण कहने लगे कि डीएम, एसडीएम तो बाद की बात है, हमें पहले पूजा रानी चाहिए। हम लोग शव लेकर राममूर्ति से यहां पहुंच गए मगर प्रशासन पटवारी को यहां तक नहीं ला पा रहा है।
मेरे पापा भी यहीं हैं, मैं भी…
धरनास्थल पर मृतक की छोटी बेटी दीक्षा रोते हुए पापा को याद कर कहने लगी कि पापा को इंसाफ चाहिए, जिसने उनका यह हाल किया मैं उनका नाम भी अपने मुंह से नहीं लेना चाहती। किसका बुरा किया मेरे पापा ने, सबका अच्छा ही किया। मगर मेरे पापा की क्या हालत कर दी आज… बुमश्किल उन्हें परिजन संभालते रहे।








