मैनपुरी के किशनी तहसील क्षेत्र के गांव हरचंदपुर में किसी मां ने मजबूरी में अपने कलेजे के टुकड़े को गांव के बाहर झाड़ियों में फेंक दिया। जानकारी पर वहां आई गांव की मिथिलेश बालक के लिए यशोदा बन गईं। उन्होंने बच्चे को अपनाया। बीमार बच्चे को डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए सैफई रेफर कर दिया है।
गांव हरचंदपुर में बुआ के पास रहने वाला प्रिंस (14) नौ दिन पहले किसी काम से गांव के बाहर जा रहा था। रास्ते में उसे बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी। झाड़ियों में पड़े बच्चे को देखकर वह घबरा गया। घर जाकर बुआ को बताया। मिथिलेश वहां पहुंची और खून से सने बच्चे को वह घर ले आई। बच्चे के काफी कमजोर होने से वह बुधवार को पति प्रदीप के साथ सीएचसी किशनी लेकर पहुंची। परीक्षण के बाद उसका वजन मात्र डेढ़ किलो निकला।








