सीपी राधाकृष्णन भारत के उपराष्ट्रपति चुनाव में विजेता बनकर उभरे हैं। उन्होंने मंगलवार (9 सितंबर) को हुए चुनाव में इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया। जहां राधाकृष्णन को 452 प्रथम वरीयता के वोट मिले तो वहीं रेड्डी 300 वोट हासिल कर पाए। इसी के साथ राधाकृष्णन अब जल्द भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे। गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ के जुलाई में इस्तीफा देने के बाद से ही उपराष्ट्रपति का पद खाली है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर उपराष्ट्रपति का पद भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली में कितना अहम है? उपराष्ट्रपति के पास इस पद के साथ-साथ और क्या जिम्मेदारियां होती हैं? सीपी राधाकृष्णन पद संभालने के बाद किन सुविधाओं के हकदार होंगे? इसके अलावा उनका वेतन क्या होगा?
और भी कई जिम्मेदारियां
इसके अलावा उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सदस्यों को अलग-अलग निकायों में नामित कर सकते हैं। जैसे- हज समिति, संवैधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान (आईसीपीएस), आदि। इसके अलावा वे उस तीन सदस्यीय समिति का भी हिस्सा होते हैं, जो प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष को नामित करती है।







