ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन: श्रीनगर नाम से नहीं होगा कोई स्टेशन, बदलकर रखा गया ये नया नाम

 

 

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना में श्रीनगर नाम का कोई स्टेशन नहीं होगा। रानीहाट क्षेत्र में श्रीनगर नाम से बन रहे रेलवे स्टेशन का नाम रानीहाट नैथाणा किए जाने की प्रक्रिया गतिमान है। आरवीएनएल का कहना है कि इस वर्ष इस स्टेशन का नाम परिवर्तित हो जाएगा।

टिहरी जनपद के चौरास क्षेत्र के समीप रानीहाट में बन रहे रेलवे स्टेशन का शुरुआत में श्रीनगर नाम रखा गया था। श्रीनगर (रानीहाट) स्टेशन योग नगरी (ऋषिकेश) के बाद दूसरा बड़ा स्टेशन है। इस स्टेशन पर आठ लाइनें और चार प्लेटफार्म हैं। आठ लाइनों में चार यात्री व एक मालवाहक लाइन व शेष साइडिंग लाइन हैं। चार प्लेटफार्म में तीन यात्री व एक मालवाहक प्लेटफार्म है। यह स्टेशन टिहरी जनपद के चौरास के समीप रानीहाट क्षेत्र में दिउली, रानीहाट व नैथाणा के ग्रामीणों की भूमि पर बन रहा है। इसलिए ग्रामीण लंबे समय से उक्त स्टेशन का नाम बदलने की मांग कर रहे थे। नाम न बदले जाने पर ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।

 

ग्रामीणों की मांग पर वर्ष 2021 में टिहरी डीएम ने भी वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक मुरादाबाद को पत्र लिख स्टेशन का नाम रानीहाट नैथाणा किए जाने की बात कही थी। इससे पहले ग्रामीणों ने इस स्टेशन का नाम मां राजराजेश्वरी रेलवे स्टेशन चौरास रखने की मांग भी की थी। जनवरी 2021 में टिहरी सांसद माला राजलक्ष्मी शाह ने भी स्टेशन का नाम परिवर्तित किए जाने के लिए केंद्रीय रेलमंत्री को पत्र भेजा था। अब स्टेशन का नाम रानीहाट नैथाणा किए जाने की प्रक्रिया गतिमान है। इस स्टेशन का नाम परिवर्तित होने पर ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना में गढ़वाल के प्रमुख शहर श्रीनगर के नाम से कोई भी स्टेशन नहीं होगा।

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मलेथा से धारीदेवी तक ट्रेन दौड़ाने के लिए 65 फीसदी कार्य पूरा
मलेथा से धारी देवी तक ट्रेन दौड़ाने के लिए आरवीएनएल लगभग 65 फीसदी कार्य पूर्ण कर चुका है। मलेथा से श्रीनगर (रानीहाट) तक मात्र 4.2 किमी की एक सुरंग है, जिसमें खोदाई का काम पूरा हो गया है। अब सुरंग में फाइनल लाइनिंग का काम चल रहा है। रानीहाट से श्रीनगर क्षेत्र में ट्रेन पहुंंचाने के लिए अल्केश्वर घाट के समीप अलकनंदा पर 500 मीटर स्पान का पुल भी पूर्ण हो चुका है। धारी स्टेशन से कुछ मीटर पहले गदेरे पर 120 मीटर स्पान का एक और पुल है। जिसका निर्माण कार्य लगभग 80 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका। अगस्त माह में मलेथा, श्रीनगर (रानीहाट) व धारी रेलवे स्टेशन निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया भी जारी कर ली जाएगी। वहीं धारी स्टेशन पर चार लाइन व दो यात्री प्लेटफार्म हैं।

श्रीनगर स्टेशन का नाम बदले जाने के लिए डीआरएम मुरादाबाद को प्रस्ताव भेजा गया है। स्टेशन का नाम रानीहाट नैथाणा किए जाने की प्रक्रिया गतिमान है। इस वर्ष के अंत तक नाम परिवर्तित हो जाएगा। मलेथा से धारी तक ट्रेन चलाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए करीब 65 फीसदी कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
– ओपी मालगुड़ी, उप महाप्रबंधक, आरवीएनएल (सिविल)।

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