महंगाई: अब महंगाई से मिलेगी राहत, 5 साल के निचले स्तर पर आ जाएगी,कम हो जाएंगे सब्जियों के दाम

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रेपो दर में दूसरी बार 0.25 फीसदी कटौती के बाद अब खुदरा महंगाई से भी आम लोगों को राहत मिल सकती है। खाद्य उत्पादों के दाम घटने से मार्च में खुदरा महंगाई 3.47 फीसदी रह सकती है। यह पांच वर्षों में सबसे कम होगी, जो फरवरी में 3.61 फीसदी रही थी। इससे जून में भी ब्याज दर घटने की संभावना और ज्यादा बढ़ जाएगी। खुदरा महंगाई के आंकड़े शुक्रवार को जारी हो सकते हैं।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (सीएमआईई) के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में खुदरा महंगाई की औसत दर 4.64 फीसदी रहने का अनुमान है। 2023-24 में यह 5.36 फीसदी थी। यानी एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट हो सकती है। गिरावट इसलिए आएगी क्योंकि सब्जियों और दालों की कीमतों में लगातार नरमी आ रही है।

सीएमआईई ने कहा, खाद्य महंगाई के मार्च में तीन फीसदी रहने का अनुमान है, जो फरवरी में 3.3 फीसदी थी। यह सब्जियों और दालों के साथ अनाज, अंडे, मछली व मांस के दाम में कमी के कारण हुआ। हालांकि, चीनी, खाद्य तेल, दूध और फलों में महंगाई के दबाव ने बाधा उत्पन्न की है।

5.1% तक घट जाएंगे सब्जियों के दाम
रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च में सब्जियों की कीमतों में 5.1 फीसदी तक गिरावट का अनुमान है। नवंबर, 2024 से फसल की आवक के साथ कीमतों में सुधार हो रहा है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के मुताबिक, सब्जियों की खुदरा कीमतों और मंडी की आवक से पता चलता है कि मार्च में भी दाम में गिरावट जारी रही। टमाटर, प्याज और आलू की कीमत औसतन क्रमशः 21 रुपये, 34.4 रुपये और 23.8 रुपये प्रति किलोग्राम थी। पिछले छह-आठ महीनों से प्रमुख सब्जियों की कीमतों में तेजी से गिरावट आई है। जुलाई-नवंबर, 2024 में टमाटर और प्याज के भाव क्रमशः 65.6 रुपये एवं 56.3 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गए थे। वहीं, आलू 37.3 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव बिक रहा था। बीते तीन महीनों में मंडियों में लहसुन, अदरक, गोभी और बैगन की आवक एक साल पहले की तुलना में अधिक रही है। इससे इनकी कीमतों में भी तेजी से गिरावट आई है।

दालों की कीमतों में तेजी से गिरावट  
मार्च में दालों की कीमतों में 2.3 फीसदी की गिरावट का अनुमान है। खरीफ की अच्छी फसल के कारण अरहर की कीमतों में 5.2 फीसदी की गिरावट आई। रबी की फसल से पहले चने की कीमतों में दो फीसदी की गिरावट आई। मूंग, मसूर व उड़द जैसी अन्य दालों के भाव भी घटे हैं। कुल मिलाकर, नवंबर से ही महंगाई के बास्केट में शामिल चीजों की कीमतों में कमी आ रही है।

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अनाज की कीमत घटी बढ़ सकते हैं तेल के भाव
सीएमआईई का अनुमान है कि मार्च में अनाज की मुद्रास्फीति घटकर 5.3 फीसदी रह गई है। फरवरी की तुलना में मार्च में गेहूं-आटे की कीमतों में 0.1-0.7% गिरावट आई है। अन्य खाद्य पदार्थों में मुद्रास्फीति बढ़ने का अनुमान है। विशेष रूप से, तेल और वसा के भाव फरवरी के 16.4 फीसदी से बढ़कर मार्च में 17.2 फीसदी पहुंच सकते हैं। सरसों, सूरजमुखी और सोयाबीन तेल की खुदरा कीमतें भी बढ़ी हैं, एक साल पहले गिरावट आई थी।


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