माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर चल रहे महाकुंभ में बुधवार को त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 48.83 करोड़ से अधिक श्रद्धालु डुबकी लगा चुके हैं। इस बीच, माघ पूर्णिमा पर अयोध्या की सरयू नदी में भी श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। वाराणसी में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को माघ पूर्णिमा के अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं और प्रदेश वासियों को शुभकामनाएं दीं।
प्रयागराज में माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। संगम तट के दोनों ओर श्रद्धालु ही श्रद्धालु दिखाई दे रहे हैं। माघ पूर्णिमा पर सुबह-सुबह ही करीब एक करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई है।

प्रयागराज में महाकुंभ के एक तीर्थयात्री ने कहा, “मैं आज माघ पूर्णिमा पर स्नान करने की योजना बनाकर दिल्ली से यहां आया हूं। यहां व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हैं।”

त्रिवेणी पर कड़ी चौकसी है। हर तरफ पुलिस अलर्ट कर रही है। पुलिस फोर्स को लगातार चौकस रहने के निर्देश मिल रहे हैं। झूसी से संगम जाने वाले मार्ग की स्थिति सामान्य है।


स्नान और तर्पण के बाद पितरों की प्रसन्नता के लिए अन्न और वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है। विशेष रूप से सफेद वस्त्रों का दान करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

माघ पूर्णिमा के दिन गंगाजल में दूध मिलाकर उसे पीपल के पेड़ पर अर्पित करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पीपल के पेड़ में त्रिदेव का निवास होता है। इसलिए, शाम के समय पीपल के नीचे घी का दीपक जलाना भी आवश्यक है। इस उपाय से त्रिदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।











