भगवान राम का जीवन चरित्र ही प्रेरणादायक – श्रीधराचार्य जी महाराज

Spread the love

भगवान राम का जीवन चरित्र ही प्रेरणादायक – श्रीधराचार्य जी महाराज

अयोध्या-

श्रावण झूलन उत्सव के उपलक्ष में श्री खंडेलवाल वैश्य निष्काम सेवा समिति द्वारा आयोजित नव दिवसीय श्री राम कथा में व्यास पीठ पर विराजमान जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री धराचार्य जी महाराज ने भगवान श्री राम के जीवन चरित्रों का श्रवण कराते हुए कहां अयोध्या की शोभा पहले से ही दिव्य थी भगवती जगत जननी मां सीता जी के आ जाने से और भी दिव्य हो गई सभी नारियों में श्रेष्ठ मां सीता को पत्नी रूप में पाने के बाद भी प्रभु श्री राम माता पिता की सेवा में नित्य लगे रहते हैं प्रभु के इस वात्सल्य भाव को देखकर सभी प्रजाजन भगवान श्रीराम को अपने राजा के रुप में देखना चाहते थे सभी अयोध्या वासियों ने महाराज दशरथ से जेष्ट पुत्र राम को राजगद्दी पर बिठाने के लिए प्रार्थना की महाराज दशरथ ने प्रजाजनों के मन की बात को समझ कर सभा के मध्य में जेष्ट पुत्र राम के राज्याभिषेक की घोषणा की सभी अयोध्यावासी अत्यधिक प्रसन्न हो गए और भगवान राम राज्याभिषेक की तैयारी में जुट गए कुटिल मंथरा मैं महारानी केकई के मन को कलुषित कर दिया प्रातः काल महाराज दशरथ उठकर के कई महल की ओर प्रवेश किए कोप भवन में केकई को देखकर के महाराज दशरथ दुखी हो गए और पूछने लगे देवी भरत से भी अधिक प्रिय आप के पुत्र राम का आज राज्य अभिषेक है और और आप इस कोपभवन में क्यों दुखी हैं कुसंग के प्रभाव से श्रेष्ठ जनों की बुद्धि भी कलुषित हो जाती है महारानी केकई ने राजा दशरथ से दो वरदान मांग लिए प्रथम वरदान से राम की जगह अपने पुत्र भरत को राजगद्दी और दूसरे वरदान से 14 वर्ष के लिए भगवान श्रीराम को वनवास केक ई के वचनों को सुनकर महाराज दशरथ मूर्छित होकर जमीन पर गिर गए सुमंत जी ने भगवान श्रीराम को बुलाया अपने पिता की हालत को देख कर के भगवान राम दुखी हो कर रोने लगे बहुत पूछने के बाद भी जब महाराज दशरथ ने भगवान श्री राम से कुछ नहीं कहा तब पास में खड़ी हुई मां के कई से भगवान ने पूछा हे मां पिता श्री की इस स्थिति का कारण क्या है पुत्र मोहमें लिप्त केकई ने प्रभु राम से कहा हे राम मेरे दो पुराने वरदान महाराज दशरथ से मैंने मांग लिया हैं पहले तो हां कर रहे थे लेकिन तुम पिता के अत्यधिक प्रिय हो इसलिए पिताजी अपने मुख से तुम्हें वन जाने की आज्ञा नहीं देना चाहते मंथरा के बहकावे में आकर मां के कई की बुद्धि कुंठित हो गई प्रभु श्री राम को समझने में देर न लगी और अपने अवतार को सार्थक करने और समस्त ऋषि-मुनियों को वन में कृतार्थ करने राक्षस जाति के विनाश हेतु प्रभु वन गमन की आज्ञा लेने मां कौशल्या के भवन में जाते हैं मर्यादा पुरुषोत्तम है प्रभु राज्य सिंहासन पर विराजमान होने वाले प्रभु श्रीराम केकई से वन गमन की आज्ञा पाकर भी रंचमात्र दुखी नहीं हुए यही प्रभु की भगवता है प्रभु श्रीराम के वन गमन की बात को सुनकर अयोध्यावासी रुदन करने लगे देश के विभिन्न प्रांतो से पधारे भक्तों के नेत्रों से भी अश्रुपात होने लगा सभी भक्त भाव विभोर हो गए कथा का समय दोपहर 3 बजे से शाम 6:00 बजे तक है धर्मप्रेमी भक्तजन कथा में पधारकर अपने जीवन को धन्य करें।

और पढ़े  PM मोदी पर अमर्यादित टिप्पणी का मामला, अजय राय और 30 समर्थकों पर एफआईआर, अधिवक्ता ने सौंपी ‘पेन ड्राइव’

Spread the love
  • Related Posts

    हिरासत में बिगड़ी सुभासपा नेता की तबीयत, वाराणसी में थाना प्रभारी सस्पेंड, 10 मिनट तक जाम रहा हाईवे

    Spread the love

    Spread the loveफूलपुर थाना क्षेत्र में रविवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब पुलिस पूछताछ के लिए ले जाए जाने के बाद सुभासपा नेता की अचानक तबीयत बिगड़ने…


    Spread the love

    UP: 33 जिलों में लू के अलर्ट के साथ नौतपा शुरू, इन इलाकों में आंधी चलने की भी चेतावनी, ये शहर सबसे गर्म

    Spread the love

    Spread the loveउत्तर प्रदेश में मौसम के तेवर इन दिनों पूरी तरह बदले हुए हैं। एक ओर नौतपा की शुरुआत के साथ प्रदेश के दक्षिणी हिस्से भीषण गर्मी और लू…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *