2022 चारधाम यात्रा :- भक्तों के लिए खुले बाबा केदार के द्वार, प्रधानमंत्री मोदी के नाम से हुई पहली पूजा, धामी ने लिया बाबा का आशीर्वाद।।

<strong>2022 चारधाम यात्रा :- भक्तों के लिए खुले बाबा केदार के द्वार, प्रधानमंत्री मोदी के नाम से हुई पहली पूजा, धामी ने लिया बाबा का आशीर्वाद।।</strong>

केदारनाथ धाम के कपाट शुभ मुहूर्त में शुक्रवार सुबह 06 बजकर 26 ्मिनट खोल दिए गए। अब छह माह तक बाबा के भक्त धाम में ही आराध्य के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर सकेंगे। बाबा के मंदिर को दस क्विंटल फूलों से सजाया गया है। वहीं, बृहस्पतिवार को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली भक्तों के जयकारों के बीच अपने धाम पहुंची। विधि विधान के साथ बाबा की डोली को मंदिर के समीप विराजमान किया गया है। साथ ही अन्य धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया गया है।<strong>2022 चारधाम यात्रा :- भक्तों के लिए खुले बाबा केदार के द्वार, प्रधानमंत्री मोदी के नाम से हुई पहली पूजा, धामी ने लिया बाबा का आशीर्वाद।।</strong>0
शुक्रवार को आज प्रात: 6 बजकर 26 मिनट पर जय केदार के जयकारों के बीच भगवान केदारनाथ के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खुल गए। बाबा की पंचमुखी मूर्ति केदार मंदिर में विराजमान हुई। विधिविधान और धार्मिक परंपराओं के तहत भगवान केदारनाथ के कपाट खोले गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली पूजा की गई। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूजा-अर्चना कर बाबा केदार का आशीर्वाद लिया।<strong>2022 चारधाम यात्रा :- भक्तों के लिए खुले बाबा केदार के द्वार, प्रधानमंत्री मोदी के नाम से हुई पहली पूजा, धामी ने लिया बाबा का आशीर्वाद।।</strong>
तड़के बाबा केदार की उत्सव डोली को मुख्य पुजारी द्वारा भोग लगाया गया और नित पूजाएं की गई, जिसके बाद डोली को सजाया गया। केदारनाथ रावल भीमाशंकर लिंग, वेदपाठियों, पुजारियों, हक्क हकूकधारियों की मौजूदगी में कपाट पर वैदिक परंपराओं के अनुसार मंत्रौच्चारण किया गया और 6 बजकर 26 मिनट पर कपाट खोले गए। इस दौरान डोली ने मंदिर में प्रवेश किया।
 
सबसे पहले पुजारियों व वेदपाठियों ने गर्भगृह में साफ सफाई की और भोग लगाया। इसके बाद मंदिर के अंदर पूजा अर्चना की गई। सेना की बैंड की धुनों के साथ पूरा केदारनाथ भोले बाबा के जयकारों से गुंजायमान हो गया। इस दौरान केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग और मुख्यमंत्री पष्कर सिंह धामी सहित बीकेटीसी के सदस्य भी मौजूद रहे। मंदिर को दस क्विंटल फूलों से सजाया गया है।

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