देहरादून: लोकभवन में प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस नेताओं पर केस, गणेश गोदियाल, हरक सिंह समेत 40 से अधिक शामिल

लोकभवन में प्रदर्शन करने के मामले में कैंट थाना पुलिस ने 40 से अधिक कांग्रेसियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत समेत 30 नेताओं को नामजद किया गया है। इसके अलावा 10 से 15 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार को कांग्रेसियों ने विभिन्न मांगों को लेकर लोकभवन में प्रदर्शन किया था। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लागू निर्देशों के उल्लंघन का आरोप है। मामले में पुलिस ने लोक सेवक की ओर से दिए गए आदेश की अवहेलना करने और लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग करने से संबंधित आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है।

प्राथमिकी में नामजद नेताओं के साथ ही प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। पुलिस प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम और संबंधित परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।

 

राज्यपाल को ज्ञापन देने के लिए अंदर जाने की कोशिश, पुलिस ने हिरासत में लिया
अंकिता भंडारी प्रकरण में कांग्रेस नेताओं ने लोक भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर हंगामा किया। राज्यपाल को ज्ञापन देने के लिए प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने मुख्य गेट से अंदर जाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी खूब नोकझोंक भी हुई। गेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बृहस्पतिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रीतम सिंह व डॉ.हरक सिंह रावत ने पहले संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता की।

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दोपहर बाद बिना किसी सूचना के अचानक राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देने के लिए लोक भवन रवाना हुए। गोदियाल व हरक सिंह अपनी गाड़ी से लोकभवन के गेट पहुंचे। कांग्रेस नेताओं के आने की सूचना मिलते ही पुलिस ने हाथीबड़कला के पास बैरिकेटिंग लगा कर रोकने का प्रयास किया लेकिन पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रीतम सिंह, सह प्रभारी सुरेंद्र शर्मा स्कूटी पर बैठ कर लोक भवन पहुंच गए। मुख्य गेट बंद होने से कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन करते हुए अंदर जाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का मुक्की व नोकझोंक हुई। कांग्रेस नेता मुख्य गेट पर बाहर सड़क पर बैठ गए। इस पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले जाकर रिहा कर दिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, भाजपा नेता दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद नियुक्ति रद्द करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन देने के लिए राज्यपाल से समय मांगा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि हमें समय नहीं दिया गया। जब हम ज्ञापन देने पहुंचे लोक भवन से कोई भी अधिकारी ज्ञापन लेने तक नहीं आया। कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।

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