हम पहाड़ से निकले जरूर थे लेकिन पहाड़ हमारे दिल से नहीं निकल पाया। दूर देश में संघर्ष के बाद जब सफलता की राह पकड़ी तो लौट आए अपने पहाड़। अल्मोड़ा निवासी महेंद्र बिष्ट ने कंपनी बनाई और पहली बार पहाड़ में उसके पांच कार्यालय खोल दिए। 400 से अधिक युवाओं को उनके घर पर ही रोजगार मिल रहा है, जिससे पलायन रोकने में मदद मिल रही है।








