फ्लैट में चल रहा था अवैध कॉल सेंटर: एंटीवायरस एप के नाम पर विदेशियों से करते थे ठगी, 5 आरोपी गिरफ्तार

मोबाइल और लैपटॉप में एंटीवायरस एप उपलब्ध कराने के नाम पर विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाले गिरोह का राजपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तरला नागल रोड स्थित आर्चिड पार्क के एक किराये के फ्लैट में अवैध रूप से कॉल सेंटर संचालित कर रहे पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी विदेशी नागरिकों को फोन कर उनके मोबाइल और लैपटॉप में खराबी होने की बात कहते थे। इसके बाद एंटीवायरस एप उपलब्ध कराने के एवज में उनसे 100 डॉलर कीमत का गिफ्ट कार्ड खरीदवाकर उसका नंबर या फोटो मंगाते थे। गिफ्ट कार्ड मिलने के बाद ज्यादातर ग्राहकों को एप उपलब्ध नहीं कराया जाता था।

पुलिस के मुताबिक, 12 अक्तूबर की रात राजपुर क्षेत्र में एक फ्लैट में फर्जी कॉल सेंटर संचालित होने और विदेशी नागरिकों से धोखाधड़ी की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस टीम ने देर रात कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से 14 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, एक आईपैड, पांच चार्जर और तीन लग्जरी वाहन बरामद किए गए। वाहनों में आई-20, वरना और थार शामिल हैं।

 

 

नोएडा के कॉल सेंटर में सीखा ठगी का तरीका
पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी आशीष नागर ने बताया कि वह पहले नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम करता था। वहां विदेशी नागरिकों को इसी तरह फोन कर ठगी की जाती थी। करीब तीन महीने पहले नौकरी छोड़कर वह देहरादून आ गया। यहां उसने किराये के फ्लैट में साथियों के साथ फर्जी कॉल सेंटर शुरू कर दिया। गिरोह ने विदेशी नागरिकों के करीब पांच हजार मोबाइल नंबर खरीदे थे। इन नंबरों पर गूगल वॉइस एप के माध्यम से कॉल की जाती थी।

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गिफ्ट कार्ड सस्ते दाम पर बेचते थे
पुलिस के अनुसार, आरोपी गिफ्ट कार्ड का नंबर या फोटो एक वर्चुअल मोबाइल नंबर पर मंगाते थे। इसके बाद इन कार्डों को कम कीमत पर बेच देते थे। कार्ड बेचने से मिलने वाली रकम अलग-अलग खातों में आती थी। आरोपी कुछ ग्राहकों को ही एंटीवायरस एप उपलब्ध कराते थे, जबकि बाकी के साथ धोखाधड़ी करते थे। गिरोह के निशाने पर मुख्य रूप से अमेरिका और कनाडा के नागरिक थे। पुलिस से बचने के लिए आरोपी कुछ समय बाद कॉल सेंटर का ठिकाना बदल देते थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष नागर (32), अक्षत शर्मा (22), अंशु मुद्गल (23), राज सिंह (23) और अभिनव सिंह (25) के रूप में हुई है। सभी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। राजपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस बरामद उपकरणों की जांच कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की रकम का पता लगाने में जुटी है।

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