कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के दिल्ली स्थित आवास पर शुक्रवार को दिल्ली पुलिस के 20 से अधिक जवान पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने उन्हें कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन नहीं करने का नोटिस दिया। दिपके ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च आयोजित करने का आह्वान किया है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के एक सीमित समूह को वैकल्पिक स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की व्यवस्था करने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए शुक्रवार और शनिवार को सेंट्रल पार्क बंद रखने की जानकारी दी है। ऐसे में प्रस्तावित मार्च से पहले इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति से निपटने की तैयारी में है।
दिपके ने आरोप लगाया है कि सरकार ज्ञानेश कुमार का बचाव कर रही है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूचियों के एक दोषपूर्ण एसआईआर और 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने की अध्यक्षता की थी। यह कुल मतदाताओं का लगभग 14 फीसदी है। दीपके ने कहा, ‘2024 में जीत का अंतर सिर्फ दो फीसदी था। 13 करोड़ से अधिक मतदाता हटा दिए गए – लगभग 14 फीसदी।’ उन्होंने सवाल किया, “जहां दो फीसदी चुनाव का फैसला कर रहा है, वहां आप 13 करोड़ वोट हटा रहे हैं। अगर यह सेटिंग नहीं है तो क्या है?’ दिपके ने X पर आरोप लगाया कि उनका पीछा किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘जिस जगह मैं रुका हूं, उसे चारों तरफ से अंडरकवर पुलिसकर्मियों ने घेर लिया है। ये लोग मुझ पर लगातार नजर रख रहे हैं। सफेद स्कॉर्पियो भी हर जगह मेरा पीछा कर रही है।’
दिल्ली के कनॉट प्लेस में सीजेपी के प्रदर्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील जय अनंत देहाद्राई ने बताया कि नई दिल्ली किराना समिति और अन्य व्यापारिक संगठनों ने यह याचिका दायर की है। उनका कहना है कि मध्य दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों से बड़े स्तर पर व्यवधान पैदा हो सकता है। इससे त्योहारों के मौसम में खरीदारी करने आने वाले लोगों को परेशानी होगी और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। वकील के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने मामले को जरूरी मानते हुए अगली सुनवाई 26 अक्तूबर के लिए सूचीबद्ध की है।






