प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। कई जिलों में भारी बारिश से गंगा, यमुना, मंदाकिनी उफान पर है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ ने परसौंजा गांव में भारी तबाही मचाई है। अब तक 100 से अधिक परिवार चपेट में आए, 80 से अधिक कच्चे मकान गिर गए हैं।
हालात इतने भयावह हैं कि घरों में रखा अनाज बर्बाद हो गया, गृहस्थी का सामान, कपड़े और जरूरी चीजें तेज बहाव में बह गईं। रामघाट, तरीहा, गोबारिया सहित मानिकपुर के कई गांवों में बिजली व्यवस्था ध्वस्त होने से जलापूर्ति ठप हो गई। लोगों के मोबाइल भी चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। इधर, प्रयागराज में भी गंगा-यमुना का पानी आबादी तक पहुंच गया है। लोगों को नाव से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा रहा है।
रायबरेली में बिजली गिरने से एक की मौत हो गई, जबकि बलरामपुर के महराजगंज तराई के तीन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। उधर, पूर्वांचल में गंगा, गोमती, सरयू का जलस्तर बढ़ रहा है। बलिया में गंगा और सरयू और वाराणसी में वरुणा खतरे के निशान से ऊपर है। इससे तटवर्ती इलाकों में पलायन होने लगा है।
गाजीपुर में गंगा खतरा बिंदु 63.105 मीटर से नीचे बह रही है। रविवार शाम को सुहवल के डूहिया सरैया के पास गंगा के टापू पर 12 चरवाहे और 2000 से ज्यादा भेंड़ें फंस गईं। पुलिस-प्रशासन ने नाइट विजन ड्रोन से छह घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलवाकर सुरक्षित निकाला। बाढ़ के के कारण रेवतीपुर-मां कामाख्या धाम मार्ग पर आवागमन बंद है। गोमती में उफान के कारण गौरी-तेतारपुर मार्ग डूब गया है।
बाढ़ राहत अभियान तेज लाखों लोगों को सहायता
प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी है। प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था लगातार की जा रही है।
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, रविवार तक 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक कोई जनहानि या पशुहानि नहीं हुई है। करीब 1.70 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सरकार ने प्रभावित आबादी को तत्काल सहायता देने पर जोर दिया है। इसके लिए कुल 1,633 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। 525 नाव और मोटरबोट से आवागमन प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी है।
वाराणसी के सभी घाट डूबे
वाराणसी में लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ाव पर है। बरसाती और सहायक नदियों में उफान का असर अब बनारस में भी दिख रहा है।
प्रयागराज: कर्णावती नदी में डूबीं दो किशोरियां, तीन र्को बचाया
सुरवां दलापुर गांव में सोमवार को कजरी पर्व को लेकर जौ की जरई डुबाने कर्णावती नदी गईं पांच किशोरियों में से दो तेज बहाव में बह गईं। एक किशोरी को डूबता देख उसे बचाने के प्रयास में चार अन्य भी बहाव की चपेट में आ गईं। ग्रामीणों ने तीन किशोरियों को सकुशल बाहर निकाल लिया, जबकि शैलेंद्र मिश्र की पुत्री शुभी मिश्रा (14) और राजेश तिवारी उर्फ बबोले की पुत्री अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी (14) का देर शाम तक पता नहीं चल सका।
वाराणसी: सामनेघाट समेत 10 से ज्यादा इलाकों से 361 परिवारों ने किया पलायन
काशी में सोमवार रात नौ बजे तक गंगा का जलस्तर 70.15 मीटर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु से महज 11 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, वरुणा नदी खतरे के निशान 70.21 मीटर से बढ़कर 70.95 मीटर पर पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से सामनेघाट, पुलकोहना, सलारपुर समेत 10 से अधिक तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इन क्षेत्रों के 361 परिवार के 1574 लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन किया। कई परिवार पिछले दो सप्ताह से बाढ़ राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।





