महंगाई का झटका: फिर से महंगी हुई सीएनजी, आज से बढ़े हुए रेट पर मिलेगी गैस, जानें..

देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। मंगलवार को सीएनजी की दरों में 3.89 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। इसस पहले सीएनजी की दरों में दो रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

राजधानी दिल्ली में इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का एलान किया है। शनिवार 29 अगस्त सुबह 6 बजे से सीएनजी के दाम 3.89 रुपये प्रति किलो बढ़ जाएंगे। अब तक दिल्ली में सीएनजी का रेट 83.09 रुपये प्रति किलो था। अब दिल्ली में सीएनजी की नई कीमत 86.98 रुपये प्रति किलो हो जाएगी।

बता दें कि राजधानी में 15 मई को सीएनजी के दाम दो रुपये बढ़ाए गए थे। इसके बाद 17 मई को एक रुपये की वृद्धि दर्ज की गई। 23 मई को भी सीएनजी एक रुपये महंगी हुई थी। 26 मई को फिर से दो रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इस प्रकार मई के महीने में ही कई बार दाम बढ़ाए गए थे।

 

यह वृद्धि उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर डालेगी। लगातार बढ़ती कीमतें आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। लगातार बढ़ती सीएनजी कीमतें वाहन चालकों के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। विशेषकर सार्वजनिक परिवहन और कैब सेवाओं पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा। ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को अपनी लागत निकालने में परेशानी होगी। इससे यात्रियों को भी अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है।

आईजीएल कंपनी में दी जानकारी
आईजीएल नकंपनी ने बताया कि सीएनजी के लिए इनपुट गैस का एक बड़ा हिस्सा आयातित एलएनजी से पूरा किया जाता है। पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्ष की शुरुआत के बाद से स्पॉट या मौजूदा बाजार में एलएनजी की दरों में भारी वृद्धि देखी गई है। अंतरराष्ट्रीय एलएनजी कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं। इससे इनपुट गैस की लागत पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। इस लागत प्रभाव की आंशिक भरपाई के लिए 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम का कैलिब्रेटेड संशोधन आवश्यक हो गया है।
इस वजह से हुई सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने स्पष्ट किया कि सीएनजी के उत्पादन में उपयोग होने वाली गैस का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयातित तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) है। वैश्विक बाजार में एलएनजी की कीमतों में लगातार उछाल आया है। यह उछाल पश्चिमी एशिया में शुरू हुए संघर्ष के कारण और बढ़ गया है। इन बढ़ी हुई अंतरराष्ट्रीय कीमतों का सीधा असर कंपनी की इनपुट गैस लागत पर पड़ा है। इस लागत वृद्धि को आंशिक रूप से संतुलित करने के लिए यह मूल्य संशोधन अनिवार्य हो गया है।
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