महाकाल मंदिर परिसर स्थित श्रीनागचंद्रेश्वर मंदिर में सोमवार सुबह दर्शन के लिए लगी कतार में करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई। नीलकंठ द्वार के पास हुई भगदड़ में करीब छह श्रद्धालु घायल हो गए। जबकि हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में भीड़ का दबाव बढ़ने से 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। घायलों और बीमार श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
भगदड़ जैसी स्थिति के दौरान बैरिकेड्स से टकराने के कारण हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोट आई है। अन्य घायलों का भी अस्पताल में उपचार किया गया। भीड़ के दबाव और अफरा-तफरी के चलते कुछ समय के लिए दर्शन व्यवस्था प्रभावित हुई।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अमले ने स्थिति को संभाला। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित करने के प्रयास किए गए। फिलहाल दर्शन व्यवस्था सुचारू बताई जा रही है। प्रशासन और सुरक्षाकर्मी भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं।
ग्वालियर से भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने आए सुरेंद्र सिंह राणा ने बताया कि ‘मैं अपनी भतीजी सोनम राणा के साथ उज्जैन आया था। यहां भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए रात से ही लाइन में लगा था, लेकिन मंदिर की व्यवस्थाएं ठीक नहीं थीं। यहां वीआईपी श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए जा रहे थे और आम श्रद्धालुओं को बार-बार रोका जा रहा था। यही कारण है कि जब अचानक भक्तों को छोड़ा गया तो कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की के हालात बन गए। लगभग एक दर्जन से अधिक लोगों की तबीयत इस धक्का-मुक्की के कारण खराब हो गई। यहां तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई और हमें अस्पताल भिजवाया।’
नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन करने के दौरान मची भगदड़
अस्पताल में भर्ती एक श्रद्धालु की मां मीनू ने बताया कि यह घटना हरसिद्धि चौराहे पर हुई। जब वह नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा था, तभी वह बैरिकेड के नीचे आ गया। वहां भगदड़ मच गई। किसी ने उसकी मदद नहीं की। सिर्फ एक व्यक्ति उसे उठाकर यहां लेकर आया।





