देहरादून- निहंगों की एंट्री से दून में तनाव, तनाव के बीच पुलिस सतर्क,सीमाओं पर निगहबानी के बीच शहर में घुसा जत्था

कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग की घटनाओं के बाद निहंगों के उत्तराखंड कूच की सूचना पर देहरादून पुलिस ने हिमाचल सीमा से लगे कुल्हाल में कड़ी निगरानी और बैरिकेडिंग की थी। प्रेमनगर क्षेत्र में भी पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके बावजूद निहंगों का एक जत्था शहर के भीतर पहुंच गया और पटेलनगर थाना क्षेत्र तक आ गया। यहां पुलिस ने उन्हें रोककर वापस भेजा।

इस घटनाक्रम ने पुलिस की घेराबंदी, खुफिया तंत्र और आपसी समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जानकारी के अनुसार, निहंग सिक्खों ने उत्तराखंड की ओर कूच का आह्वान किया था। इसके बाद देहरादून जिले में विशेष सतर्कता बरती गई। कुल्हाल सीमा पर वाहनों की जांच, बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रेमनगर क्षेत्र में भी निहंगों के संभावित प्रवेश को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का दावा किया गया।

 

पुलिस-प्रशासन का फोकस मुख्य रूप से सीमावर्ती मार्गों पर रहा। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के बीच निहंग शहर तक कैसे पहुंच गए, यह बड़ा सवाल बन गया है। सूत्रों के अनुसार, जत्था वैकल्पिक मार्गों से होते हुए देहरादून में दाखिल हुआ और पटेलनगर थाना क्षेत्र तक पहुंच गया। पुलिस को इसकी सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई। बातचीत और समझाइश के बाद उन्हें शहर से वापस भेजा गया।

 

देहरादून में सीमा पर चौकसी के बावजूद जत्थे के शहर तक पहुंचने से स्थानीय लोगों में भी चिंता रही। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि निहंगों को वापस भेज दिया गया है और इसके बाद शांति व्यवस्था कायम है। पुलिस हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के विवाद के बाद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। चंडीगढ़ से हिमाचल के रास्ते उत्तराखंड के लिए कूच कर रहे करीब 200 निहंगों को पुलिस-प्रशासन ने कुल्हाल चेक पोस्ट पर बैरियर लगाकर रोका था।

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Nihang March Nihang Entry Into Dehradun Raises questions over border Security and Intelligence CoordinationNihang March Nihang Entry Into Dehradun Raises questions over border Security and Intelligence Coordination

इसके बाद पांवटा साहिब गुरुद्वारे में करीब दो घंटे तक प्रशासन, पुलिस और निहंग सिखों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद कुछ निहंग लौट गए, जबकि 20 से 30 निहंग कुल्हाल पुल पार कर चेकपोस्ट पर पहुंच गए, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया, यहां कई घंटे तक तनातनी चलती रही। इसके बाद ये निहंग बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए। मौके पर तैनात पुलिस और आईटीबीपी के सामने ही तलवारें लहराते हुए वह देहरादून-पांवटा राजमार्ग की ओर जाने लगे। इस दौरान उन्हें रोकने के लिए पुलिस की ओर से खड़े किए गए दो डंपरों में भी उन्होंने तोड़फोड़ कर दी।

 

निहंगों के उत्तराखंड की सीमा में घुसने की सूचना पर शासन-प्रशासन ने जिलेेभर से पुलिस और अन्य बलों को मौके के लिए रवाना कर दिया। निहंग हेमकुंड साहिब जाने की बात पर अड़े हुए थे। साथ ही नारेबाजी कर रहे थे। वहीं, उन्हें देहरादून आने से रोकने के लिए पुलिस ने प्रेमनगर चौक पर बैरियर लगा दिया। डीएम डॉ.आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल बड़ी संख्या में फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। रात एक बजे तक निहंग प्रेमनगर नहीं पहुंचे थे, उनकी लोकेशन पुलिस को भी नहीं पता थी।

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