US-Iran: अमेरिका-ईरान समझौते पर उपराष्ट्रपति वेंस बोले- ‘बातों से नहीं, कामों से होगा मूल्यांकन’

Spread the love

मेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ हुए नए समझौते (MoU) को लेकर अपनी स्थिति साफ कर दी है।  वेंस ने सीबीएन न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि इस समझौते की सबसे अच्छी बात यह है कि यह केवल शब्दों तक सीमित नहीं है। उन्होंने साफ किया कि अब ईरान का मूल्यांकन उसकी बातों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और काम के आधार पर होगा।

 

वेंस ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और पूरा प्रशासन ईरान में निर्दोष प्रदर्शनकारियों की हत्या से बहुत परेशान था। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले जो लोग सत्ता में थे, उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया था। वेंस के अनुसार, वे पुराने नेता अब सत्ता से जा चुके हैं। अब अमेरिका यह देखना चाहता है कि क्या ईरान का नया नेतृत्व अपने लोगों के साथ अलग तरह से व्यवहार करता है।

 

उपराष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि नया नेतृत्व सुधार करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो अमेरिका उनके वास्तविक आचरण को देखकर आगे का फैसला करेगा। वेंस ने दोहराया कि यह समझौता केवल कागजी बातों के लिए नहीं है। यह पूरी तरह ईरान के भविष्य के व्यवहार पर टिका है। अमेरिका अब ईरान की गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा।

जेडी वेंस अब इस समझौते के सबसे बड़े समर्थक और रक्षक बनकर उभरे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को फ्रांस के वर्साय महल में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। ट्रंप ने इस दौरान मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर यह समझौता सफल रहा, तो वे इसका श्रेय लेंगे, लेकिन अगर यह विफल रहा, तो वे इसका सारा दोष जेडी वेंस पर डाल देंगे। व्हाइट हाउस ने वेंस को राष्ट्रपति का ‘दायां हाथ’ बताया है। प्रशासन का कहना है कि वेंस ने ही स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ मिलकर इस बातचीत का नेतृत्व किया है।

इस समझौते के तहत ईरान को अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में कम करना होगा। ईरान ने यह भी वादा किया है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। यह समझौता 60 दिनों की बातचीत का एक रास्ता खोलता है। हालांकि, अमेरिका के भीतर ही इस सौदे का विरोध शुरू हो गया है। कुछ रिपब्लिकन नेताओं और इस्रायल समर्थकों ने इस पर सवाल उठाए हैं। रूढ़िवादी रेडियो होस्ट एरिक एरिकसन ने इसे ‘अमेरिका का आत्मसमर्पण’ बताया है। वहीं, सीनेटर टेड क्रूज ने कहा कि राष्ट्रपति को इस मामले में गलत सलाह मिल रही है।

और पढ़े  अमेरिका-ईरान शांति समझौते का दुनिया ने किया स्वागत,कई देशों ने दी प्रतिक्रिया

वेंस अपनी पार्टी के भीतर उठ रहे विरोध को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग इस समझौते की आलोचना कर रहे हैं, वे ईरानी दुष्प्रचार पर भरोसा कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह इराक युद्ध जैसा दलदल नहीं बनेगा क्योंकि ट्रंप की नीतियां अलग हैं। वेंस शुक्रवार को स्विट्जरलैंड जाएंगे ताकि ईरान के साथ बातचीत के अगले चरण की शुरुआत कर सकें। जेडी वेंस के लिए यह एक बड़ा राजनीतिक दांव है, जिसका असर उनके भविष्य पर पड़ सकता है।


Spread the love
  • Related Posts

    भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता: 5 साल के लिए सामाजिक सुरक्षा भुगतान से छूट, 75,000 भारतीय पेशेवरों को होगा लाभ

    Spread the love

    Spread the loveभारत और ब्रिटेन के बीच हुए सामाजिक सुरक्षा समझौते के तहत अब भारतीय कंपनियों को ब्रिटेन में अस्थायी तौर पर भेजे गए कर्मचारियों के लिए पांच वर्ष तक…


    Spread the love

    भारत का प्रथम गांव: माणा में अनोखी परंपरा, पत्थरों की मीनारों का अनोखा संसार, यात्रियों के बीच आकर्षण का केंद्र

    Spread the love

    Spread the loveदेश के प्रथम गांव माणा में एक अनोखी परंपरा तीर्थयात्रियों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। बदरीनाथ धाम के दर्शन के बाद माणा पहुंचने वाले श्रद्धालु…


    Spread the love