राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा (री-एग्जाम) के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। यह परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। जिन उम्मीदवारों को री-एग्जाम में शामिल होना है, वे आधिकारिक वेबसाइट से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को नीट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां सबसे ऊपर दिए गए ‘एडमिट कार्ड फॉर नीट (यूजी)’ लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद ‘एडमिट कार्ड फॉर नीट (यूजी) – 2026 पुनर्परीक्षा’ विकल्प चुनना होगा। फिर आवेदन संख्या, पासवर्ड और कैप्चा कोड भरकर लॉगिन करने के बाद एडमिट कार्ड डाउनलोड किया जा सकेगा।
एडमिट कार्ड डाउनलोड करने से पहले बैंक खाता जांचने की अपील
एनटीए ने उम्मीदवारों से एडमिट कार्ड डाउनलोड करने से पहले अपने बैंक खाते की जानकारी की जांच करने की अपील भी की है। एजेंसी ने बताया कि कई छात्रों ने पहले बैंक खाते की गलत या अधूरी जानकारी दी थी, जिसके कारण फीस रिफंड में दिक्कत आ सकती है। ऐसे छात्रों के लिए बैंक अकाउंट की पुष्टि और सुधार करने की विशेष विंडो खोली गई है, ताकि रिफंड सही खाते में भेजा जा सके।
पेपर लीक के बाद छात्रों के लिए जोड़ी गई कई सुविधाएं
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित मूल नीट-यूजी 2026 परीक्षा को प्रश्नपत्र लीक होने के कारण रद्द कर दिया गया था। जांच में सामने आया था कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले कुछ उम्मीदवारों तक पहुंच गया था। इसके बाद दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। री-एग्जाम को लेकर एनटीए ने कुछ नए और छात्र-हितैषी नियम भी लागू किए हैं। परीक्षा अब दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक एक ही पाली में होगी। परीक्षा अवधि में 15 मिनट अतिरिक्त जोड़े गए हैं, ताकि उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर और अन्य औपचारिकताएं आराम से पूरी की जा सकें।
रफ वर्क के लिए पन्नों की संख्या भी बढ़ाई गई
इसके अलावा प्रश्नपत्र पुस्तिका में रफ वर्क के लिए पन्नों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। अब छात्रों को कुल चार अतिरिक्त पेज मिलेंगे। इनमें दो पेज शुरुआत में और दो पेज अंत में दिए जाएंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से बाएं हाथ से लिखने वाले छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखकर की गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों से आत्मविश्वास बनाए रखने और पूरी लगन के साथ परीक्षा की तैयारी करने की अपील की है। एनटीए का कहना है कि नए उपायों से परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और छात्र-अनुकूल बनेगी।








