अमेरिका के दो वरिष्ठ डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने ट्रंप प्रशासन पर निर्यात नियंत्रण नियमों में खामी छोड़ने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस चूक के कारण अमेरिका की अत्याधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) चिप्स चीनी कंपनियों तक पहुंच सकती हैं, जिससे चीन की सैन्य क्षमताओं को बढ़ावा मिलने की आशंका है। मैसाचुसेट्स की सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन और न्यू जर्सी के सीनेटर एंडी किम ने कहा कि पिछले 18 महीनों में निर्यात नियंत्रण नियमों को अपडेट न करने के कारण उन्नत अमेरिकी तकनीक अनजाने में चीन स्थित कंपनियों तक पहुंच सकती है।
ट्रंप प्रशासन ने डेढ़ साल से निर्यात नियंत्रण नियमों को नहीं किया लागू
दोनों सांसदों ने संयुक्त बयान में कहा, ‘ट्रंप प्रशासन ने पिछले डेढ़ साल में निर्यात नियंत्रण नियमों को अपडेट नहीं किया, जिससे अमेरिका की सबसे उन्नत AI चिप्स उन कंपनियों तक पहुंच सकती हैं, जिनके मुख्यालय चीन में मौजूद हैं और इससे चीन की सैन्य शक्ति को बढ़ावा मिल सकता है।’ यह बयान अमेरिकी वाणिज्य विभाग द्वारा निर्यात प्रतिबंधों में मौजूद एक संभावित खामी को दूर करने के कदम के बाद आया है। यह खामी उन उन्नत AI प्रोसेसरों से जुड़ी थी, जिनका निर्माण एनवीडिया और एएमडी जैसी कंपनियां करती हैं।
अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने लाइसेंस को अनिवार्य किया
वाणिज्य विभाग के ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी ने साफ किया है कि चीन मुख्यालय वाली कंपनियों को निर्यात किए जाने वाले उन्नत चिप्स पर लाइसेंस संबंधी शर्तें लागू होंगी, भले ही वे कंपनियां विदेशों में स्थित अपनी सहायक इकाइयों के माध्यम से काम कर रही हों। अमेरिकी अधिकारियों को आशंका थी कि चीन की कुछ कंपनियां विदेशों में मौजूद अपनी सहयोगी इकाइयों के जरिए उन्नत सेमीकंडक्टर हासिल कर रही थीं, जबकि अमेरिका लंबे समय से चीन की अत्याधुनिक AI तकनीक तक पहुंच रोकने की कोशिश कर रहा है।
वाणिज्य मंत्री पर लगे आरोप
सीनेट बैंकिंग समिति में शीर्ष डेमोक्रेट सदस्य वॉरेन और राष्ट्रीय सुरक्षा व अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं वित्त उपसमिति में शीर्ष डेमोक्रेट सदस्य किम ने कहा कि प्रशासन को इस मुद्दे पर तुरंत साफ और व्यापक दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वाणिज्य विभाग आज ही इस खामी को बंद कर सकता है और अमेरिकी तकनीक को चीनी सेना तक पहुंचने देने के बजाय स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए।’
दोनों सांसदों ने इस मामले में कांग्रेस से भी जांच की मांग की। उनका कहना है कि अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक को सीनेट बैंकिंग समिति के समक्ष पेश होकर यह बताना चाहिए कि ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी के प्रबंधन में कथित लापरवाही से राष्ट्रीय सुरक्षा को कैसे खतरा पैदा हुआ।









