राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) नीट यूजी-2026 की दोबारा परीक्षा की नई तारीख की घोषणा कर दी है। परीक्षा की नई तारीख 21 जून तय की गई है। तारीख की घोषणा के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हम छात्रों के भविष्य के प्रति संंवेदनशील हैं। माफियाओं को सफल नहीं होने देंगे। ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार बर्दाश्त न करने की नीति अपना रही है। शिक्षा मंत्री ने इस बात को माना कि नीट का पेपर लीक हुआ। उन्होंने माना कि राधाकृष्णन आयोग की रिपोर्ट को पूरी तरह से लागू करने के बावजूद कमान श्रृंखला में सेंध लगी थी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले की तह तक जाएगी। गड़बड़ी की कोशिश करने वालों को सजा दी जाएगी। दोबारा परीक्षा देने में छात्रों पर कोई आर्थिक बोझ न आए इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुधार के लिए कई सुझाव आए हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, अभी एनटीए ने नीट-यूज की नई परीक्षा की तारीख की घोषणा की है। 21 जून को दोबारा परीक्षा की तारीख की घोषणा की है। छात्रों का भविष्य, उनके परिश्रम के प्रति संवेदनशीलता हमारी प्राथमिकता है। तीन मई को परीक्षा हुई थी और सात मई को एनटीए के पास कहीं से आपत्ति आई कि गेस पेपर में ऐसे कुछ प्रश्न आए हैं, जो इस बार के पेपर में थे। एनटीए और सरकार ने तुरंत उसकी जांच की। राज्यों की एजेसियों से संपर्क किया गया। जब हम स्पष्ट हुए कि इस बार पेपर लीक हुआ है, हम नहीं चाहते थे कि शिक्षा माफियाओं के षड्यंत्र के कारण किसी भी सही छात्र के अधिकार वंचित हो जाएं। इसलिए हमने 12 मई को परीक्षा को रद्द कर दिया। हमने आज परीक्षा की नई तिथि की घोषणा की। यह परीक्षा माफियाओं और असामाजिक तत्त्वों के खिलाफ लंबी लड़ाई है। तकनीक के समय में एक चुनौती बन रही है। विभिन्न प्रकार के सोशल मीडिया हैंडल से भ्रमात्मक तथ्यों को रखा जाता है, गुमराह करने की कोशिश की जाती है। सरकार ने सीबीआई को(जांच के लिए) काम सौंपा है। सीबीआई ने त्वरित कार्रवाई शुरु की है और इस बार सीबीआई तह तक जाएगी। सभी विभागों ने इसे गंभीरता से लिया है। हम इस बार गड़बड़ी नहीं होने देंगे। यह छात्रों के पक्ष में निर्णय लिया गया है।
इससे पहले, गुरुवार को प्रधान ने भी नीट-यूजी परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने के मुद्दे पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। इस अहम बैठक में शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा कराने वाली एजेंसी के कई बड़े अधिकारी शामिल हुए थे। इस बैठक का मकसद यही था कि रद्द हुई परीक्षा को अब नए सिरे से कैसे कराया जाए, ताकि आगे कोई भी गड़बड़ी न हो। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस बार दोबारा परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से हो, जिससे दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों के साथ कोई अन्याय न हो।
हाल ही में नीट-यूजी परीक्षा में कई तरह की बड़ी गड़बड़ियों और पेपर लीक के गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों के कारण छात्रों में भारी आक्रोश था और पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने पुरानी परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया। अब चूंकि परीक्षा दोबारा होनी है (RE-NEET), इसलिए नया शेड्यूल बनाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए शिक्षा मंत्री ने खुद मोर्चा संभालते हुए यह बैठक बुलाई थी।
दोबारा होने वाली नीट परीक्षा में क्या बदलाव होंगे?
इस उच्च स्तरीय बैठक में इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया कि परीक्षा के पेपर को लीक होने से कैसे बचाया जाए। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा बढ़ाने और पेपर बांटने के तरीके में कड़े बदलाव करने पर लंबी चर्चा की। सरकार की कोशिश है कि नया सिस्टम ऐसा हो जिसे कोई भी हैक या लीक न कर सके। इसके लिए नई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने पर भी गहराई से विचार किया जा रहा है ताकि परीक्षा पूरी तरह से सुरक्षित रहे।
एनटीए ने क्या कहा?
परीक्षा की तारीख की घोषणा करते हुए एनटीए ने कहा कि उसने केंद्र सरकार की अनुमति के बाद नीट-यूजी-2026 की पुन: परीक्षा रविवार 21 जून 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया है। परीक्षार्थियों व अभिभावकों से अनुरोध है कि वे केवल एनटीए के आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें।






