प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- गंगोत्री से गंगासागर तक खिला कमल’, 5 राज्यों के नतीजों के बाद BJP मुख्यालय में PM का संबोधन

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प्रधानमंत्री मोदी भाजपा मुख्यालय पहुंचे, जहां उनका विशेष अंदाज देखने को मिला। वे बंगाली कुर्ता-पाजामा पहनकर पार्टी कार्यालय में नजर आए, जिससे माहौल और भी खास हो गया। चुनावी नतीजों के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और प्रधानमंत्री उनके साथ मिलकर जीत का जश्न मनाने वाले हैं। मुख्यालय में पहले से ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटने लगे हैं और पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखा जा रहा है।

 

पीएम मोदी ने संबोधन शुरू करते हुए कहा कि आज का दिन अहम है, जब वर्षों की साधना सिद्धी में बदलती है तो चेहरे पर जो खुशी होती है, वो खुशी आज मैं देशभर के भाजपा के कार्यकर्ता के चेहरे पर दे रहा हूं। मैं कार्यकर्ता के नाते हर भाजपा कार्यकर्ता की खुशी में शामिल हूं। आज का ये दिवस कई मायनों में खास है, विशेष है। ये देश के उज्ज्वल भविष्य की उद्घोषणा का दिन है। ये भरोसे का दिन है। भरोसा भारत के महान लोकतंत्र पर, भरोसा प्रदर्शन की राजनीति पर। भरोसा एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना पर। मैं बंगाल की जनता का, असम की जनता का, पुदुचेरी की जनता का, तमिलनाडु और केरल की जनता का आदरपूर्वक नमन करता हूं। मैं उनका वंदन करता हूं।

 

पीएम ने कहा भाजपा के हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता ने कमाल कर दिया है, कमल खिला दिया है। आपने नया इतिहास रच दिया है। भाजपा के अध्यक्ष नितिन नवीन के अध्यक्ष पद संभालने के बाद ये पहले विधानसभा चुनाव थे। इनमें पार्टी कार्यकर्ताओं को जो उनका मार्गदर्शन मिला, वह इस विजय में बहुमूल्य रहा है। आज अलग-अलग उपचुनाव के परिणाम भी उत्साहजनक रहे हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, नगालैंड और त्रिपुरा में जो उपचुनाव हुए, उनमें हमारे उम्मीदवारों को जनता-जनार्दन ने आशीर्वाद दिया। हम इन राज्यों में भी जीत गए। एनडीए की नेता सुनेत्रा पवार जी ने भी बड़ी जीत दर्ज की है। मैं सभी राज्यों की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

लोकतंत्र हमारी रगों में दौड़ता हुआ संस्कार है- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि जय-पराजय लोकतंत्र और चुनावी राजनीति का स्वाभाविक हिस्सा होता है, लेकिन पांच राज्यों की जनता ने पूरे विश्व को दिखाया है कि ये हमारा भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी क्यों है। लोकतंत्र हमारे लिए सिर्फ एक तंत्र नहीं है। ये हमारी रगों में दौड़ता हुआ संस्कार है। आज सिर्फ भारत का लोकतंत्र नहीं जीता है, आज भारत का संविधान भी जीता है। हमारी सांविधानिक संस्थाएं जीती हैं। हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं जीती हैं। बंगाल में करीब 93 फीसदी मतदान होना, अपने आप में ऐतिहासिक रहा है।

 

मुझे यहां मां गंगा ने बुलाया है’
पीएम मोदी ने आगे कहा कि 2013 में जब भाजपा ने मुझे पीएम उम्मीदवार के रूप में भी काम दिया और जब मैं काशी में अपना नामांकन भरने गया और जब पत्रकारों ने मुझे पूछा तो मैंने कहा था कि ‘न मुझे किसी ने भेजा है, न मैं यहां आया हूं, मुझे यहां मां गंगा ने बुलाया है।’ आज मैं महसूस कर रहा हूं कि मां गंगा हमारे ऊपर अपनी कृपा बरसा रही हैं। गंगा के साथ ब्रह्मपुत्र का भी हम पर अहसान रहा है। असम की जनता ने लगातार तीसरी बार भाजपा-एनडीए पर भरोसा किया है। हैट्रिक- तीसरी बार।

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इस दौरान असम की जीत का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा ‘असम के टी-गार्डन वाले शहरों में भी भाजपा को अभूतपूर्व समर्थन मिला है। असम अब अपने विकास की रफ्तार और बढ़ाएगा। साल 2021 में हमने पुदुचेरी की जनता के सामने पुदुचेरी का विजन रखा था। पुदुचेरी की जनता ने हमें अपना आशीर्वाद दिया था। पुदुचेरी की जनता ने इस विजन को पूरा करने के लिए हम पर एक बार फिर अपना भरोसा कायम किया है। मैं पुदुचेरी के युवाओं, मछुआरों को भरोसा देना चाहता हूं कि एनडीए की सरकार आपके लिए काम करती रहेगी।’

 

20 से ज्यादा राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकारें- PM मोदी
पीएम ने बताया कि आज देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि हमारा मंत्र है नागरिक देवो भवः। हम जनता की सेवा में जुटे हुए हैं। इसलिए जनता भाजपा पर ज्यादा से ज्यादा भरोसा कर रही है। जनता साफ देख रही है कि जहां भाजपा, वहां गुड गवर्नेंस। जहां भाजपा, वहां विकास। आप बीते दो साल के ट्रेंड को देखिए। हरियाणा में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनी। महाराष्ट्र में जबरदस्त जीत मिली। दिल्ली में अभूतपूर्व जीत मिली। बिहार में भी हमें बड़ी जीत हासिल हुई। यह जीत सिर्फ राज्यों में ही नहीं लोकल गवर्नेंस में भी दिख रही है। गुजरात में इस बार भाजपा को स्थानीय चुनाव में सबसे बड़ा वोट शेयर मिला है। ये भाजपा की गुड गवर्नेंस का सबसे बड़ा उदाहरण है।

‘बंगाल के भाग्य में आज से एक नया अध्याय’
आज भाजपा कार्यकर्ता के रूप में मेरे मन में एक और बात आ रही है। डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा को कितनी शांति मिली होगी। उन्होंने 1951 में जनसंघ की स्थापना कर के प्रत्येक कार्यकर्ता को संदेश दिया था कि देश के लिए जीना है और देश के लिए मरना है। उन्होंने अपने जीवन से साबित किया कि राष्ट्र सर्वोपरि का मंत्र लेकर चलने वाले अपना जीवन देने में एक पल का भी संकोच नहीं करते। डॉ. मुखर्जी ने पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने के लिए एक बड़ी लड़ाई लड़ी। उन्होंने जिस समृद्ध बंगाल का सपना देखा था, वह सपना कई दशकों से पूरा होने का इंतजार कर रहा था। आज 4 मई 2026 को बंगाल की जनता ने हम भाजपा कार्यकर्ताओं को अवसर दिया है। साथियों बंगाल के भाग्य में आज से एक नया अध्याय जुड़ गया है। आज से बंगाल भयमुक्त हुआ है। विकास के भरोसे से युक्त हुआ है। बांग्लाए पोरिबोर्तन होए गए छे। इस जीत के साथ-साथ वंदे मातरम के 150वें वर्ष में भारत माता को और उसी बंकिम जी को बंगाल के लोगों ने अपना सादर नमन प्रेषित किया है। श्री अरबिंदो को भी मतदाताओं ने ऐतिहासिक श्रद्धांजलि दी है। बंगाल में हमारे कितने भी कार्यकर्ताओं ने अपना जीवन इस जीत के लिए समर्पित किया है। भाजपा की कितनी महिला कार्यकर्ताओं को तमाम अत्याचार सहने पड़े। केरल में और बंगाल में भाजपा के हर कार्यकर्ता को कितनी मुसीबतें झेलनी पड़ीं। उन पर कितने जुल्म हुए हैं, कितने अत्याचार हुए हैं। मैं आज बंगाल में भाजपा की सफलता का श्रेय ऐसे सभी कार्यकर्ताओं को और उनके परिवारों को देता हूं। मैं यह जीत बंगाल की जनता को समर्पित करता हूं।

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घुसपैठियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई होगी- पीएम
4 मई की यह शाम भले ही ढल रही हो, लेकिन बंगाल की पावन धरा पर आज एक नया सूर्योदय हुआ है। एक ऐसा सवेरा, जिसका इतंजार पीढ़ियों ने किया है। भाजपा ने जितनी सीटें जीतीं वह महज एक चुनावी आंकड़ा नहीं है। ये उस अडिग विश्वास की हुंकार है, जिसने डर, तुष्टिकरण और हिंसा की राजनीति को जड़ से उखाड़ फेंका है। साथियों आज से बंगाल के भविष्य की एक ऐसी यात्रा शुरू हो रही है, जहां विकास, अटूट विश्वास और नई उम्मीदें कदम से कदम मिलाकर चलेंगी। मैं आज हर बंगाल वासी को भरोसा देता हूं कि बंगाल के बेहतर भविष्य के लिए भाजपा दिन-रात एक कर देगी। बंगाल में अब महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिलेगा। युवाओं को रोजगार मिलेगी। पलायन रुकेगा। पहली कैबिनेट में ही आयुष्मान भारत योजना को हरी झंडी दिखाई जाएगी और घुसपैठियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। इस महाविजय की दहलीज पर खड़े होकर हम गुरुदेव टैगोर को भी याद कर रहे हैं। बंगाल के ये चुनाव एक और वजह से बहुत खास रहे हैं। आप याद कीजिए बंगाल चुनाव के समय कैसी खबरें आती थीं। हिंसा, डर और निर्दोष लोगों की मौतें, लेकिन इस बार पूरे देश ने एक नई खबर सुनी। बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान हुआ। पहली बार ऐसा हुआ कि चुनावी हिंसा में एक भी निर्दोष नागरिक की जान नहीं गई। लोकतंत्र के इस महापर्व में बंदूक की आवाज के ऊपर भी जनता की आवाज गूंजी। पहली बार डर नहीं, लोकतंत्र जीता है।

आज जब बंगाल ने परिवर्तन के नए दौर में प्रवेश किया है, तो मैं बंगाल के हर राजनीतिक दल से एक आग्रह भी करना चाहता हूं। बंगाल में बीते दशकों में राजनीतिक हिंसा की वजह से न जाने कितनी जिंदगियां बर्बाद हो चुकी हैं। मेरा मानना है कि आज से बंगाल की चुनावी जो आदतें फैली हुई हैं, उसमें बदलाव आना चाहिए। आज जब भाजपा जीती है तो बदला नहीं, बदलाव की बात होनी चाहिए। भय नहीं, भविष्य की बात होनी चाहिए। मेरी सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं से अपील है कि आइये हिंसा के इस अंतहीन चक्र को हमेशा के लिए खत्म करें। किसने किसे वोट दिया, किसे नहीं दिया, उससे ऊपर उठकर बंगाल की सेवा के लिए काम करें।

‘भारत चुनौती में भी एकजुट, एकमत और एक लक्ष्य से संकल्पित है’
इन राज्यों में चुनाव और उसके नतीजों की राजनीतिक विशेषज्ञ अपने तरीके से समीक्षा कर रहे हैं। लेकिन इन नतीजों की एक और अहम बात है, इनकी टाइमिंग। आप देख रहे हैं कि जब इन राज्यों में जनता वोट डाल रही थी, तो इसी दौरान विश्व में क्या कुछ नहीं हुआ। जगह-जगह युद्ध के सायरन बज रहे थे। अस्थिरता और अराजकता का माहौल रहा। उस दौरान भारत का जन-जन स्थिरता के लिए वोट दे रहा था। आज पश्चिम एशिया में चल रहे संकट का देश पर पूरा असर पड़ा है। लेकिन भारत पूरे सामर्थ्य से इस संकट का सामना कर रहा है। इस चुनाव ने दिखाया है कि भारत इस चुनौती में भी एकजुट है, एकमत है और एक लक्ष्य से संकल्पित है। वह लक्ष्य है- विकसित भारत। यह लक्ष्य लेकर हम निकले हैं। विकसित भारत के संकल्प की सिद्धी में पूर्वोदय का बड़ा महत्व है। जब भारत समृद्ध था, तब आर्थिक, राजनीतिक और सामरिक स्तर पर स्थिर था। तब उसके तीन स्तंभ था- अंग यानी आज का बिहार, बंग यानी आज का बंगाल और कलिंग यानी आज का ओडिशा। कलिंग उस वक्त हिंद महासागर के व्यापार का एकछत्र सम्राट था। कलिंग के बंदरगाह पूरे एशिया में भारत के उत्पाद को पहुंचाते थे। बंग वह सांस्कृतिक धरती थी, जहां से भारत की आत्मा की आवाज उठती थी। गुलामी के कालखंड में जैसे-जैसे समृद्ध भारत के मजबूत स्तंभ कमजोर हुए, भारत का सामर्थ्य भी क्षीण होता गया। इसलिए विकसित भारत के निर्माण के लिए इन तीनों स्तंभों का फिर मजबूत होना आवश्यक है। मुझे गर्व है कि अंग, बंग और कलिंग ने इस महाभियान के लिए भाजपा को चुन लिया है। एनडीए पर भरोसा किया है।

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मुख्यालय में कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ जश्न मनाया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान पार्टी में उत्साह का माहौल देखने को मिला। असम विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की है। वहीं पश्चिम बंगाल में भी पार्टी 203 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जो बहुमत के आंकड़े से काफी आगे है। असम में मिली प्रचंड जीत और बंगाल में मजबूत बढ़त के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। मुख्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच जश्न का माहौल देखा गया। पीएम मोदी के भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली स्थित मुख्यालय पहुंचने से पहले उत्साह का माहौल देखने को मिला। असम और पश्चिम बंगाल में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर की। मुख्यालय में कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ जश्न मनाया। असम और बंगाल से आए शुरुआती रुझानों ने कार्यकर्ताओं का उत्साह और बढ़ा दिया है।

 

 

बंगाल से तमिलनाडु और केरल तक बदलाव की बयार
भाजपा से जुड़े जानकारों और गत 12 वर्षों में चुनावों के बाद पीएम मोदी के पुराने संबोधनों को देखते हुए माना जा रहा है कि उनके संबोधन में आगामी योजनाओं और पार्टी की दिशा पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। दरअसल, बंगाल में पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल करने की दिशा में बढ़ रही है। तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी- टीवीके के सामने पस्त होते दिख रहे मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपने 15 मंत्रियों के साथ संघर्ष कर रहे हैं। इस कारण डीएमके की सत्ता भी जाने के संकेत हैं।


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