इसके लिए एसडीआरएफ मुख्यालय जौलीग्रांट द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यदि इस प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिली तो एसडीआरएफ देश का पहला रेस्क्यू फोर्स होगा जो सीधे सैटेलाइट इंटरनेट सेवा का इस्तेमाल करेगा। स्टार लिंक एलन मस्क की कंपनी है, जिसको भारत में इंटरनेट सेवा देने के लिए लाइसेंस मिल चुका है।
उत्तराखंड पहाड़ी राज्य होने के कारण अति संवेदनशील श्रेणी में आता है। जहां लगातार आपदाएं आती रहती हैं। आपदा के दौरान जनहानि के साथ ही मोबाइल कनेक्टिविटी भी ठप हो जाती है। वर्तमान में एसडीआरएफ पहाड़ों में आपदा के दौरान कनेक्टिविटी ठप होने पर सैटेलाइट फोन इस्तेमाल का करता है, जिससे सिर्फ वॉयस कॉल और मैसेज का लाभ मिलता है। जबकि सैटेलाइट इंटरनेट इस्तेमाल करने के बाद एसडीआरएफ के रेस्क्यू जवान अपने मोबाइल फोन आदि में अन्य कंपनियों की तरह ही स्टार लिंक का इंटरनेट और वॉइस कॉलिंग इस्तेमाल कर सकेंगे। संवाद
ये है सैटेलाइट इंटरनेट
स्टारलिंक स्पेसएक्स की एक सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी है जो पृथ्वी की निचली कक्षा (लो ऑर्बिट) में मौजूद हजारों छोटे उपग्रहों के माध्यम से इंटरनेट प्रदान करती है। यह पारंपरिक इंटरनेट की तरह जमीन या समुद्र में बिछी केबल से कार्य नहीं करती है। यह अंतरिक्ष से सीधे यूजर के डिश एंटीना और राउटर तक सिग्नल भेजती है। जिससे ग्रामीण या दुर्गम क्षेत्रों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट मिलता है।